Bettiah News: बिहार में मौसम की बेरुखी और रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद अचानक बढ़ी भीषण गर्मी का असर अब वन्यजीवों पर भी दिखने लगा है. वीटीआर (वाल्मीकि टाइगर रिजर्व) वन प्रमंडल-2 से सटे रिहायशी इलाकों में इन दिनों जंगलों से निकलकर वन्यजीवों और सरीसृप प्रजाति के खतरनाक सांपों के पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है, जिससे सीमावर्ती ग्रामीणों में डर और दहशत का माहौल है. इसी कड़ी में शनिवार को बगहा-2 प्रखंड अंतर्गत मंगलपुर औसानी पंचायत के मंगलपुर मंदिर परिसर में स्थित एक इनार (कुएं) में ग्रामीणों ने एक जहरीला कोबरा सांप देखा, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.
मंदिर के इनार में रेंगता दिखा जहरीला नाग
शनिवार की सुबह जब स्थानीय ग्रामीण मंगलपुर मंदिर में पूजा-अर्चना और अपने दैनिक कार्यों के लिए पहुंचे, तो उनकी नजर इनार के भीतर रेंग रहे काले कोबरा सांप पर पड़ी. मंदिर जैसे पवित्र और सार्वजनिक स्थान पर कोबरा मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई. देखते ही देखते मंदिर परिसर में कोबरा सांप को अपनी आंखों से देखने के लिए सैकड़ों स्थानीय लोगों और राहगीरों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई. लोग कुएं के भीतर झांककर सांप का वीडियो और तस्वीरें बनाने लगे. भीड़ के बढ़ते दबाव और खतरे को भांपते हुए कुछ जागरूक ग्रामीणों ने तुरंत इसकी आधिकारिक सूचना बगहा वन क्षेत्र कार्यालय को दी.
वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी के निर्देश पर हुआ सुरक्षित रेस्क्यू
जहरीले कोबरा की सूचना मिलते ही बगहा वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी श्रीमान मालाकार के निर्देश पर वनकर्मियों की एक रेस्क्यू टीम अत्याधुनिक उपकरणों के साथ तुरंत मंगलपुर मंदिर पहुंची. वन विभाग की टीम ने सबसे पहले कुएं के चारों तरफ जमा भीड़ को पीछे हटाया ताकि सांप को हिंसक होने से बचाया जा सके. इसके बाद वनकर्मियों ने काफी सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के बाद इनार की गहराई से कोबरा सांप का सुरक्षित रेस्क्यू (पकड़ा) किया और उसे एक सुरक्षित स्नेक बैग में बंद कर वन क्षेत्र कार्यालय ले आए.
इस संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए बगहा वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी श्रीमान मालाकार ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा दी गई त्वरित सूचना पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर कोबरा सांप को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बचा लिया है. उन्होंने बताया कि कागजी प्रक्रिया और चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत वन्यजीव संरक्षण नियमों का पालन करते हुए कोबरा सांप को वीटीआर (वाल्मीकि टाइगर रिजर्व) के घने और संरक्षित जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया है, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में रह सके. वन अधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि गर्मी के इस मौसम में यदि कोई भी वन्यजीव रिहायशी इलाके में दिखे, तो उसे नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत वन विभाग को सूचित करें.
बगहा से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट
