Bettiah News: गरीब मरीजों की जेब पर डाका, सरकारी अस्पताल में दो रुपये की पर्ची पांच में बेचने का भंडाफोड़

Bettiah News: बगहा के रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डेयरी एवं मत्स्य विभाग मंत्री ने किया औचक निरीक्षण. गंदगी, बदहाल शौचालय और ओपीडी पर्ची में 2 रुपये के बदले 5 रुपये की अवैध वसूली पर भड़के मंत्री, पीएचसी प्रभारी और मैनेजर पर कार्रवाई की अनुशंसा. जानिए खबर विस्तार से…

Bettiah News: बगहा अनुमंडल अंतर्गत रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है. शुक्रवार की रात बिहार सरकार के डेयरी एवं मत्स्य विभाग मंत्री सह स्थानीय विधायक ने अस्पताल का औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) किया. इस दौरान अस्पताल परिसर की नारकीय स्थिति, चारों तरफ फैली गंदगी और मरीजों के साथ हो रही आर्थिक लूट को देखकर मंत्री महोदय का पारा चढ़ गया. उन्होंने मौके पर ही मौजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर आड़े हाथों लिया और कड़ी फटकार लगाई.

बदहाल शौचालय और हफ्तों से नहीं बदली गईं बेडशीट देख भड़के मंत्री

औचक निरीक्षण के दौरान मंत्री ने सबसे पहले अस्पताल के विभिन्न वार्डों और परिसर का सघन जायजा लिया, जहां साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त मिली. वार्डों में मरीजों के बिस्तरों पर बिछी बेडशीट की दयनीय स्थिति को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई. मंत्री ने तल्ख लहजे में कहा कि चादरों को देखकर ऐसा साफ प्रतीत होता है मानो महीनों से इनकी धुलाई ही नहीं की गई हो, जो मरीजों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है. इसके बाद जब वे अस्पताल के शौचालयों की तरफ बढ़े, तो वहां की बदबू और गंदगी देखकर भड़क गए. उन्होंने कहा कि शौचालयों की स्थिति इतनी ज्यादा बदतर है कि वहां आम लोगों का एक मिनट खड़ा होना भी दूभर है. ऐसी दूषित व्यवस्था के बीच मरीजों का इलाज होना बेहद चिंताजनक है.

2 रुपये की पर्ची के बदले 5 रुपये की अवैध वसूली

अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ वहां चल रहे बड़े आर्थिक घालमेल का भी औचक निरीक्षण में भंडाफोड़ हुआ. मंत्री ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान आम जनता से मिली शिकायतों का हवाला देते हुए बताया कि ओपीडी (OPD) में आने वाले गरीब मरीजों से रजिस्ट्रेशन पर्ची के नाम पर निर्धारित सरकारी शुल्क दो रुपये के बजाय अवैध रूप से पांच रुपये की वसूली की जा रही है. उन्होंने इस अवैध वसूली को सीधे तौर पर गरीब और बेबस मरीजों के साथ बड़ा अन्याय और प्रताड़ना करार दिया. मंत्री ने इस गंभीर वित्तीय गड़बड़ी की उच्चस्तरीय जांच कराने और इसमें शामिल काउंटर कर्मियों व दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का साफ संकेत दिया.

डीएम और सिविल सर्जन से की लिखित अनुशंसा

अस्पताल में पसरी इस चौतरफा अव्यवस्था, घोर लापरवाही और लूट-खसोट के लिए मंत्री ने सीधे तौर पर पीएचसी प्रभारी डॉ. डीएस आर्या तथा पीएचसी मैनेजर को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने ड्यूटी के प्रति बरती गई इस गंभीर कोताही को लेकर जिला पदाधिकारी (डीएम) और सिविल सर्जन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों अधिकारियों पर विभागीय व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की लिखित अनुशंसा कर दी है. हालांकि, जिस वक्त यह औचक निरीक्षण हुआ, उस समय पीएचसी प्रभारी डॉ. डीएस आर्या अस्पताल में ही मौजूद थे और उन्हें मंत्री के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा. इस हाई-प्रोफाइल निरीक्षण के दौरान भाजपा नेता प्रमोद साह, गगन प्रसाद, दीपक दुबे, पंकज झुनझुनवाला समेत कई स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.

बेतिया से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट

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Published by: Purushottam Kumar

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