Bettiah News: बगहा शहर के बगहा बाजार स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) कार्यालय परिसर में शुक्रवार की शाम एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाला हादसा हो गया है. कार्यालय की सुरक्षा में तैनात एक सिक्योरिटी गार्ड की बंदूक से अचानक मिसफायरिंग हो गई, जिसकी चपेट में आने से पिपरिया गांव के रहने वाले 40 वर्षीय उपेंद्र चौधरी गंभीर रूप से जख्मी हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोली उपेंद्र चौधरी के पेट को छूते हुए उनके बाएं हाथ को भी बुरी तरह चीरती हुई निकल गई, जिससे वे मौके पर ही लूलहान होकर गिर पड़े.
पुलिस ने संभाला मोर्चा
इस अचानक हुई गोलीबारी के बाद एलआईसी कार्यालय परिसर में चीख-पुकार मच गई और पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी के साथ दहशत का माहौल कायम हो गया. गोली चलने की तेज आवाज और शोर-शराबा सुनकर पास के ही स्टेट बैंक चौराहे पर गश्त कर रही नगर थाना पुलिस की टीम बिना वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंची और बेकाबू स्थिति को संभाला. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए खून से लथपथ उपेंद्र चौधरी को आनन-फानन में इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद महिला चिकित्सक डॉ. शिवांगी गुप्ता ने घायल का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी अत्यधिक नाजुक हालत और गहरे जख्मों को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए तुरंत जीएमसीएच (GMCH) बेतिया रेफर कर दिया. घटना की भनक मिलते ही नगर थानाध्यक्ष शैलेश कुमार पुलिस बल के साथ पहले अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित के रोते-बिलखते परिजनों से पूरी जानकारी ली. इसके बाद वे तुरंत एलआईसी कार्यालय रवाना हुए और घटनास्थल का सघन निरीक्षण करते हुए मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी.
एसडीपीओ निहार भूषण ने घटनास्थल पर पहुंचकर की हाई-लेवल जांच
दिनदहाड़े एलआईसी जैसे व्यस्त दफ्तर में गोली चलने की सूचना मिलते ही बगहा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDP) निहार भूषण भी दलबल के साथ सीधे घटना स्थल पर पहुंच गए. उन्होंने एलआईसी कार्यालय के भीतर जाकर वारदात की गंभीरता से बिंदुवार जांच-पड़ताल की, वहां मौजूद कर्मचारियों व प्रत्यक्षदर्शियों से गहन पूछताछ की और बैंक व बीमा कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की.
एसडीपीओ निहार भूषण ने अधिकारिक तौर पर बताया कि प्रारंभिक जांच और मौके से मिले साक्ष्यों के अनुसार मामला सुरक्षा गार्ड के हथियार से अचानक हुई दुर्घटनावश फायरिंग (मिसफायरिंग) का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस वास्तविक और सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है. उन्होंने साफ किया कि पुलिस हर पहलू और एंगल को ध्यान में रखकर गहराई से छानबीन कर रही है कि यह लापरवाही का मामला है या कुछ और. फिलहाल, गंभीर रूप से घायल उपेंद्र चौधरी का इलाज बेतिया में विशेषज्ञों की देखरेख में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है और स्थानीय पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी है.
बेतिया से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट
