बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
Bettiah Musahar Toli Education: पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड की जमुनिया पंचायत स्थित बहुअरवा मुसहर टोली में शिक्षा का अधिकार आज भी बच्चों के लिए एक सपना बना हुआ है.बस्ती के करीब 35 से 40 बच्चों के पास न तो आधार कार्ड है और न ही जन्म प्रमाण पत्र.इन आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में ये बच्चे बुनियादी शिक्षा,छात्रवृत्ति और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के लाभ से पूरी तरह वंचित हैं.
गरीबी और जागरूकता की कमी बनी बड़ी बाधा
बहुअरवा मुसहर टोली क्षेत्र के अधिकांश परिवार भूमिहीन हैं और दिहाड़ी मजदूरी पर आश्रित हैं.गरीबी,अशिक्षा और सरकारी प्रक्रियाओं की सही जानकारी न होने के कारण बच्चों के दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं.स्थानीय लोगों के अनुसार,दस्तावेजों की कमी से बच्चों को मध्याह्न भोजन,पोशाक राशि और नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का पूरा लाभ नहीं मिल पाता,जिससे उनकी पढ़ाई बीच में ही छूटने का खतरा बढ़ जाता है.ग्राम निवासी विनोद मांझी जैसे कई परिवारों का अब तक पहचान पत्र नहीं बन सका है.
उड़ान परियोजना से जगी उम्मीद की किरण
इस विकट समस्या के बीच समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान (SSEVS) द्वारा संचालित उड़ान परियोजना इन बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बनी है.बस्ती में उड़ान सेतु शिक्षा केंद्र की स्थापना कर स्कूल से छूटे बच्चों और अशिक्षित किशोरियों को बुनियादी शिक्षा दी जा रही है.केंद्र के शिक्षक जगन्नाथ जी बताते हैं कि बच्चे पढ़ने के लिए उत्साहित हैं,लेकिन प्रशासनिक सहयोग के बिना उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना मुश्किल है.
विशेष शिविर लगाने की उठ रही मांग
संस्थान की ओर से परिवारों को पोषण वाटिका और सब्जी उत्पादन के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है ताकि उनकी आजीविका में सुधार हो सके.अब सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मुसहर टोली में विशेष शिविर लगाकर जन्म प्रमाण पत्र और पहचान पत्र बनाने की मांग की है ताकि इन वंचित बच्चों के बेहतर भविष्य का रास्ता साफ हो सके.
