Bettiah Drainage Delay: शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाने के लिए बुडको की ओर से करीब 56.96 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना की रफ्तार बेहद सुस्त है.करीब दो लाख की बड़ी आबादी के लिए लाइफलाइन मानी जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में विभागीय संसाधनों की कमी और घोर लापरवाही साफ दिख रही है.निगरानी के अभाव और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सुस्ती से इस बड़े प्रोजेक्ट के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं.
इंजीनियरों के पद खाली, कार्यपालक अभियंता के भरोसे पूरा प्रोजेक्ट
इस सुस्ती की सबसे बड़ी वजह अधिकारियों की भारी कमी है.बुडको कार्यालय में पिछले आठ महीनों से सहायक अभियंता का पद खाली पड़ा है.पूरे काम की जिम्मेदारी एकमात्र कार्यपालक अभियंता के कंधों पर टिकी है.इसी बीच साइट इंचार्ज सह कनीय अभियंता पप्पू कुमार का भी तबादला हो गया है.ऐसे में 57 करोड़ की इस बड़ी ड्रेनेज योजना के साथ-साथ बुडको की अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की तकनीकी निगरानी और संचालन भगवान भरोसे चल रहा है.
गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल,मानकों की अनदेखी का आरोप
ड्रेनेज के निर्माण कार्य को लेकर भी स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है.लोगों का आरोप है कि कई जगहों पर सर्वेक्षित क्षेत्र से कम हिस्से में नाला निर्माण,गलत अलाइनमेंट और बिजली के पोल हटाए बिना ही काम किया जा रहा है.स्टेशन चौक,वार्ड-3 और एसएच-54 के पास लोगों ने इसका कड़ा विरोध भी जताया है.इतना ही नहीं,पथ निर्माण विभाग की कड़ी आपत्ति के बाद कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों में काम पर पूरी तरह रोक भी लग चुकी है.
जल्द की जाएगी जांच : नगर आयुक्त
महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर मुख्य नाले से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है.इधर कार्यपालक अभियंता राजकुमार ने बताया कि वह बाहर हैं और स्टाफ की कमी के कारण दिक्कतें आ रही हैं.वहीं नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित ने साफ कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा.बुडको की तमाम योजनाओं की सघन जांच की जाएगी और विभाग से जल्द नए इंजीनियरों की मांग की गई है.
