Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. सिविल कोर्ट बेतिया के सब जज-5 डॉ. स्वाति दूबे की अदालत ने लंबे समय से लंबित डिक्री राशि भुगतान मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी वाहन जब्त कर नीलामी करने का आदेश दिया है.
यह मामला किशोरी देवी एवं अन्य बनाम बिहार सरकार से जुड़ा है, जिसमें वर्ष 2019 से निष्पादन वाद लंबित है.
डिक्री राशि भुगतान नहीं होने पर अदालत सख्त
अदालत के आदेश के अनुसार मूल धनराशि और ब्याज सहित डिक्रीधारक को अब तक भुगतान नहीं किया गया है. इसको गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने कलेक्टर कार्यालय से संबंधित सफारी स्टॉर्म वाहन (रजिस्ट्रेशन संख्या BR-22PA-0006) को तत्काल प्रभाव से जब्त कर नीलामी करने का निर्देश दिया है.
अदालत ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य डिक्री राशि की वसूली सुनिश्चित करना है.
वर्षों से लंबित है मामला
न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार धनवाद संख्या 11/1990 में पारित आदेश के तहत संबंधित राशि का भुगतान किया जाना था. अदालत ने कहा कि वर्षों से आदेश पारित होने के बावजूद निर्णय देनदार पक्ष की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए.
कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि कई बार समय मांगा गया, विभागीय पत्राचार किया गया, लेकिन आदेश का वास्तविक अनुपालन नहीं किया गया.
ब्याज सहित राशि 12.36 लाख रुपये से अधिक
अदालत के अनुसार 21 मई 2026 तक मूल राशि और ब्याज मिलाकर देय राशि करीब 12.36 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है.
न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि केवल विभागीय पत्राचार पर्याप्त नहीं माना जा सकता, बल्कि आदेश का वास्तविक अनुपालन जरूरी है.
पांच दिनों में मांगी गई अनुपालन रिपोर्ट
अदालत ने सिविल कोर्ट बेतिया के नाजिर को वाहन की जब्ती और नीलामी प्रक्रिया पूरी कर पांच दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.
इसके साथ ही आदेश की प्रति राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा बेतिया कलेक्टर को भेजने का निर्देश दिया गया है. मामले की अगली सुनवाई और अनुपालन रिपोर्ट के लिए अदालत ने 1 जून 2026 की तिथि निर्धारित की है.
जिला प्रशासन ने विभाग से मांगा आवंटन
इधर, जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में 15 मई को तीसरी बार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को पत्र लिखकर आवंटन की मांग की गई है.
प्रशासन ने पत्र में उल्लेख किया है कि मुआवजा भुगतान लंबे समय से लंबित है. भुगतान नहीं होने की स्थिति में नीलामी की कार्रवाई शुरू किए जाने की संभावना को देखते हुए राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है.
