बगहा से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट
Bagaha: नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज और नारायणी (गंडक) नदी पर दिखने लगा है. मानसून सीजन में पहली बार गंडक बराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है. जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की है.
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पहली बार एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज
गंडक बराज के कंट्रोल रूम से जारी आंकड़ों के अनुसार रविवार शाम चार बजे अपस्ट्रीम में 1,00,100 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया. अधिकारियों के अनुसार नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण जलप्रवाह में लगातार वृद्धि हो रही है.
आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने पर नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई गई है.
कंट्रोल रूम और प्रशासन अलर्ट मोड में
जलस्तर बढ़ने के बाद गंडक बराज का कंट्रोल रूम पूरी तरह अलर्ट मोड में है. बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी चौबीसों घंटे जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं.
नदी और नहरों में बढ़ते जलप्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.
तटीय इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह
अनुमंडल प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को तटीय और निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां पूरी रखने को भी कहा गया है.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी किनारे न जाएं और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. केवल प्रशासन और संबंधित विभागों की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
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फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. हालांकि, यदि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश होती रही तो आने वाले दिनों में गंडक नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है. ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को पहले से ही सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
