बकाया भुगतान से 26 हजार मानदेय तक... आशा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट घेरकर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

बिहार में आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटरों ने राज्यव्यापी आह्वान पर बेतिया कलेक्ट्रेट में धरना दिया. उन्होंने बकाया भुगतान, 26 हजार मासिक मानदेय और सेवा स्थायी करने सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई. डीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की अपील की गई है.

ASHA Workers Protest: बिहार राज्य आशा संघ और बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ (एटक) के राज्यव्यापी आह्वान पर मंगलवार को बेतिया कलेक्ट्रेट परिसर में आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों ने धरना दिया. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बकाया भुगतान समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई.

धरना के बाद डीएम को सौंपा ज्ञापन

धरना समाप्त होने के बाद प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा.

प्रतिनिधिमंडल ने लंबित भुगतान का जल्द निपटारा करने और विभिन्न मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की.

ये रहीं प्रमुख मांगें

आशा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि उनका बकाया भुगतान जल्द किया जाए. इसके अलावा ड्रेस और मोबाइल रिचार्ज मद में की गई कटौती वापस ली जाए.

संघ ने आशा और आशा फैसिलिटेटरों के लिए 26 हजार रुपये मासिक मानदेय, सेवा को स्थायी करने तथा सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की भी मांग उठाई.

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मुद्दे भी उठाए

धरना के दौरान कार्यकर्ताओं ने मांग की कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत अकाउंटेंट और बीसीएम का स्थानांतरण किया जाए.

साथ ही आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान पहले की तरह अश्विनी पोर्टल के माध्यम से किया जाए और मानसिक प्रताड़ना पर रोक लगाई जाए.

अन्य मांगें भी रखीं

संघ ने एक आंगनबाड़ी केंद्र पर दो या तीन आशाओं की नियुक्ति पर रोक लगाने तथा लौरिया की बीसीएम रीना मोदी पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की.

कई पदाधिकारी रहे मौजूद

धरना की अध्यक्षता रंजना चौहान ने की. कार्यक्रम में साधना देवी, पुष्पा, सरोज, मुन्ना सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं.

धरना को ट्रेड यूनियन नेता फिरोज भारती, उर्मिला, आरती पटेल, शहनाज, माला, सुनीता, पूनम, गुलाबी देवी और संजना सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया.

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लेखक के बारे में

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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