Bettiah News: पश्चिम चंपारण के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में आयोजित पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हो गया. प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 34 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए. कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने प्रशिक्षुओं को पशुपालन को आधुनिक तकनीक के साथ अपनाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया.
पशुपालन को बताया आय का मजबूत स्रोत
समापन समारोह के मुख्य अतिथि एलडीएम आर.के. पांडे ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला है. यदि इसे वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों के साथ किया जाए तो यह युवाओं और महिलाओं के लिए आय का स्थायी और प्रभावी माध्यम बन सकता है.
आधुनिक डेयरी प्रबंधन की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन, संतुलित पशु आहार, टीकाकरण, पशुओं में होने वाले रोगों की रोकथाम, स्वच्छता, दूध उत्पादन बढ़ाने की तकनीक तथा पशुपालन आधारित स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की विस्तार से जानकारी दी गई.
ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
आरसेटी के निदेशक संजय कुमार ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वरोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
प्रशिक्षुओं ने साझा किए अनुभव
प्रशिक्षुओं की ओर से नवनीत राज और सौरभ कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण से उन्हें पशुपालन की आधुनिक तकनीकों की उपयोगी जानकारी मिली, जिससे भविष्य में स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिलेगी.
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