Anganwadi Workers: मैनाटांड़ प्रखंड सभागार में गुरुवार को बाल विकास परियोजना की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में आंगनबाड़ी सेविकाओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए लंबित मानदेय, भवन किराया और तकनीकी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की.
बैठक में 20 सूत्री अध्यक्ष संजय पटेल, उपाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुमार त्रिपाठी और सीडीपीओ गौतम कुमार मौजूद रहे.
चार माह से लंबित है मानदेय
बैठक के दौरान सेविकाओं ने बताया कि उनसे लगातार कई प्रकार के विभागीय कार्य कराए जाते हैं, लेकिन उसके अनुरूप मानदेय नहीं मिलता.
उन्होंने कहा कि पिछले चार माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है. सेविकाओं ने कहा कि जितना कार्य कराया जाता है, उसके अनुरूप पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है.
किराये के भवनों में चल रहे कई केंद्र
सेविकाओं ने बताया कि कई आंगनबाड़ी केंद्र आज भी किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं.
महीनों से भवन किराया नहीं मिलने के कारण मकान मालिक भुगतान का दबाव बना रहे हैं. वहीं कई केंद्रों के लिए अब तक सरकारी भवन की व्यवस्था भी नहीं हो सकी है.
खराब मोबाइल से ऑनलाइन काम प्रभावित
बैठक में चार वर्ष पहले विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए स्मार्टफोन का मुद्दा भी उठाया गया.
सेविकाओं का कहना था कि अधिकांश मोबाइल खराब या पुराने हो चुके हैं, जिससे पोषण ट्रैकर सहित अन्य ऑनलाइन कार्य करने में परेशानी हो रही है. उन्होंने यह भी बताया कि कई महीनों से मोबाइल रिचार्ज की राशि का भुगतान नहीं किया गया है.
अधिकारियों ने दिया समाधान का आश्वासन
बैठक में सेविकाओं ने नियमित मानदेय भुगतान, भवन किराया मद की राशि जारी करने, नए स्मार्टफोन उपलब्ध कराने, मोबाइल रिचार्ज की राशि देने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सरकारी भवन उपलब्ध कराने की मांग रखी.
इस पर मौजूद अधिकारियों ने सभी समस्याओं को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया.
