Bettiah High Risk Pregnancy: पश्चिम चंपारण के अनुमंडलीय अस्पताल, नरकटियागंज में डॉक्टरों की टीम ने एक हाई-रिस्क प्रसव को सफलतापूर्वक पूरा किया. 55 वर्षीय असमीना खातून ने गुरुवार को सिजेरियन ऑपरेशन (एलएससीएस) के जरिए एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया. अस्पताल के अनुसार, मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं.
यह मामला अधिक उम्र में गर्भावस्था होने के कारण चिकित्सकीय रूप से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था.
10 साल बाद परिवार में गूंजी किलकारी
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बसवरिया (लौरिया) निवासी असमीना खातून, पति शाबिर अंसारी, की पहली संतान का जन्म लगभग 10 वर्ष पहले हुआ था.
अधिक उम्र में गर्भावस्था को हाई-रिस्क माना जाता है. इसे देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पूरी योजना और सावधानी के साथ सुरक्षित सिजेरियन कराया.
डॉक्टरों की टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस जटिल ऑपरेशन में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार, सर्जन डॉ. नीरज कुमार, एनेस्थेटिस्ट डॉ. बालेश्वर, अस्पताल प्रबंधक विपिन राज, ओटी प्रबंधक विजय कुमार और राहुल राज पुरोहित सहित स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
पूरे ऑपरेशन के दौरान विशेषज्ञ टीम ने मां और नवजात की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी.
अस्पताल ने बताया यादगार उपलब्धि
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि 55 वर्षीय महिला का सुरक्षित प्रसव कराना अस्पताल के लिए एक यादगार और संतोषजनक उपलब्धि है.
उन्होंने बताया कि पूरी टीम ने बेहतर समन्वय और सतर्कता के साथ ऑपरेशन किया, जिसके परिणामस्वरूप मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं.
विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा का मिला लाभ
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह सफल सिजेरियन दर्शाता है कि समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा और समुचित निगरानी मिलने पर हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों में भी सुरक्षित प्रसव संभव है. अस्पताल ने इसे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता और चिकित्सकों के समर्पण का उदाहरण बताया.
