Harnatand Power Protest: पश्चिम चंपारण के हरनाटांड़ अंतर्गत सेमरा पावर ग्रिड से जुड़े दर्जनों गांवों में करीब 15 घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने से लोगों का गुस्सा शुक्रवार को सड़क पर फूट पड़ा. भीषण उमस और चिलचिलाती गर्मी के बीच बिजली गुल रहने से परेशान सैकड़ों उपभोक्ताओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर मनमानी. घोर लापरवाही और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ सौतेला व्यवहार करने का सीधा आरोप लगाते हुए विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है.
पेयजल संकट गहराया और ठप हुआ कारोबार, उमस में पूरी रात तड़पते रहे बुजुर्ग व बच्चे
ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार की दोपहर से ही सेमरा. बोरवल सहित आसपास के दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही. पूरी रात और शुक्रवार सुबह तक बिजली नहीं आने से इलाके के लोगों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई. गांवों में मोटर नहीं चलने से पेयजल संकट गहरा गया है. वहीं मोबाइल फोन डिस्चार्ज होने से लोगों का संपर्क टूट गया. बिजली के अभाव में छोटे दुकानदारों और स्थानीय कारोबारियों का काम पूरी तरह प्रभावित हुआ. जबकि स्कूली बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई और बुजुर्गों को भीषण उमस में रात भर भारी परेशानी झेलनी पड़ी. उपभोक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती अब रोज की बात हो गई है.
जेई की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सेमरा ग्रिड के कनीय विद्युत अभियंता (जेई) डब्ल्यू. महतो की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए. लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई. तो उपभोक्ता चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे. जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी. इधर. मामले पर कनीय विद्युत अभियंता डब्ल्यू. महतो ने बताया कि लाइनमैन और इलेक्ट्रीशियन लगातार मुख्य लाइन का फॉल्ट ठीक करने में लगे हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण मरम्मत कार्य में बाधा आ रही है. मौसम ठीक होते ही अगले तीन से चार घंटे के भीतर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.
