बेगूसराय: अमरूद तोड़ने के दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आयी युवती, गंभीर रूप से झुलसी

बेगूसराय में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक युवती गंभीर रूप से झुलस गई. अमरूद तोड़ते समय यह हादसा हुआ, जिसने आबादी के बीच से गुजर रही बिजली लाइनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों ने तत्काल हटाने की मांग की है.

Begusarai News : बेगूसराय जिले के बरियारपुर पूर्वी पंचायत के वार्ड-4 में शुक्रवार की सुबह 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से एक युवती गंभीर रूप से झुलस गयी. घायल युवती की पहचान मोहम्मद अब्बास की पुत्री चांदनी खातून (20) के रूप में हुई है. घटना के बाद परिजनों ने एंबुलेंस से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोदावंदपुर में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है.

पेड़ पर चढ़ रही थी, इसी दौरान लगा करंट

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे चांदनी अमरूद तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ी थी. इसी दौरान पेड़ के बगल से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आ गयी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गयी. इसकी जानकारी देते हुए वार्ड सदस्य प्रभात कुमार ने बताया कि गांव की घनी आबादी के बीच से हाईटेंशन लाइन काफी नीचे से गुजर रही है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. कहा कि कई बार इसकी शिकायत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों से की गयी इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

दो साल पहले भी झुलसी थी एक युवती

ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व इसी लाइन का तार टूटकर गिर गया था, जिसकी चपेट में आने से एक बच्ची करंट की शिकार हो गयी थी. समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गयी थी. वहीं करीब डेढ़ वर्ष पहले आंधी के दौरान बांस तार से सट जाने के कारण एक घर में करंट प्रवाहित हो गया था. उस समय घर के लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचायी थी.

हाईटेंशन तार को हटाने की मांग की

ग्रामीणों का कहना है कि मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद कलीम, मोहम्मद हदीस, मोहम्मद शहीद, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद हमीद तथा मोहम्मद सहालम समेत कई परिवारों के घरों के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की लाइन गुजर रही है, जिससे हर समय भय का माहौल बना रहता है. लोगों ने विद्युत विभाग से हाईटेंशन लाइन को आबादी से हटाकर सुरक्षित स्थान से ले जाने की मांग की है.

अधूरी सड़क बनी लोगों की परेशानी

स्थानीय लोगों ने बताया कि वार्ड में मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए आज भी समुचित रास्ता नहीं है. करीब छह वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत मस्जिद से मोहम्मद नूर हसन के घर तक चार फीट चौड़ी ईंट सोलिंग सड़क का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन भूमि विवाद के कारण लगभग 60 फीट हिस्सा अधूरा रह गया.

ग्रामीणों के अनुसार परमेश्वर महतो, महेश महतो, लक्ष्मी महतो, प्रमोद कुमार एवं आनंद महतो की जमीन इस हिस्से में पड़ती है. आरोप है कि एक भू-स्वामी द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं कराने के कारण सड़क निर्माण पूरा नहीं हो सका. इसके चलते लोगों को पगडंडी से होकर आवागमन करना पड़ता है. बरसात में यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे मरीजों को खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है. बच्चों की पढ़ाई और आम लोगों के आवागमन पर भी इसका असर पड़ता है.

क्या बोले मुखिया प्रतिनिधि

बरियारपुर पूर्वी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सद्दाम माजिदी ने बताया कि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन एक भू-स्वामी द्वारा जमीन नहीं देने के कारण कार्य अधूरा रह गया. उन्होंने कहा कि यदि भूमि उपलब्ध हो जाती है तो शेष सड़क का निर्माण शीघ्र पूरा करा दिया जायेगा. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग से हाईटेंशन लाइन को तत्काल हटाने तथा अधूरी सड़क का निर्माण पूरा कराने की मांग की है.


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By Rajesh kumar

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