बेगूसराय में 12 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का समापन, छात्राओं ने ‘भाग्योदय’ नाटक की दी शानदार प्रस्तुति

Begusarai News : बेगूसराय के विद्यालय में 12 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का समापन हुआ। बच्चों ने भाग्योदय नाटक की प्रस्तुति दी, जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।

Begusarai News : तारुणि तारण नाट्य समिति बेगूसराय की ओर से राजकीयकृत मध्य विद्यालय अनुसूचित पोखरिया में आयोजित 12 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का गुरुवार को समापन हुआ. कार्यशाला में विद्यालय की 20 छात्राओं ने अभिनय, नृत्य और गायन की बारीकियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया. समापन समारोह के दौरान आए हुए अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया, वहीं प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए.

छात्राओं ने ‘भाग्योदय’ नाटक का किया मंचन

कार्यशाला के अंतिम दिन 6 अगस्त 2026 को विद्यालय परिसर में नाट्य निर्देशक एवं लेखक मिथिलेश कुमार उर्फ मिथिलेश ‘कान्ति’ के लेखन और निर्देशन में ‘भाग्योदय’ नाटक का मंचन किया गया. छात्राओं की अभिनय क्षमता और प्रस्तुति को देखकर दर्शक काफी प्रभावित हुए और तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया. नाटक की प्रस्तुति ने समाज और जीवन से जुड़े संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया.

रंगकर्मियों और अतिथियों ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बेगूसराय जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी, वरिष्ठ रंग निर्देशक अनिल पतंग, वरिष्ठ रंगकर्मी दिलीप सिन्हा, अरविंद कुमार सिन्हा, देवेंद्र कुंवर, अब्दुल्लाह निजामी, सदन कुमार, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका उषा शर्मा एवं युवा रंगकर्मी मनोज कुमार मौजूद रहे. जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने कहा कि विद्यालयों में इस तरह की नाट्य कार्यशालाएं बच्चों की प्रतिभा को निखारने और रंगमंच के क्षेत्र में उन्हें प्रोत्साहित करने का बेहतर माध्यम हैं. उन्होंने कहा कि रंगमंच समाज का दर्पण भी है.

बच्चों के सर्वांगीण विकास में नाटक की अहम भूमिका

वरिष्ठ रंग निर्देशक अनिल पतंग ने कहा कि तारुणि तारण नाट्य समिति द्वारा विभिन्न विद्यालयों में नाटक प्रस्तुति और कार्यशाला के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाएं बढ़ रही हैं. वरिष्ठ रंगकर्मी एवं समाजसेवी दिलीप सिन्हा ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए रंगमंच काफी आवश्यक है. वहीं अरविंद कुमार सिन्हा ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में नाटक कला की महत्वपूर्ण भूमिका है. विद्यालय की प्रधानाध्यापिका उषा शर्मा ने कहा कि वह बच्चों में कला सृजन को बढ़ावा देने के लिए हमेशा तत्पर हैं और हर संभव सहयोग करती रहेंगी.

नाटक से बच्चों में बढ़ती है सामाजिक समझ

जन गायक देवेंद्र कुंवर ने कहा कि नाटक से जुड़कर बच्चे जीवन जीने का तरीका सीखते हैं. अब्दुल्लाह निजामी ने कहा कि नाटक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और विशेष रूप से बच्चों में नाट्य कला का विकास जरूरी है. नाट्य कार्यशाला के निर्देशक मिथिलेश कुमार उर्फ मिथिलेश ‘कान्ति’ ने कहा कि उनका उद्देश्य बच्चों में नाट्य कला के प्रति जागरूकता पैदा करना है, ताकि वे नाटक को अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण आधार बना सकें. इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी सदन कुमार और युवा रंगकर्मी मनोज कुमार ने भी बच्चों को नाट्य कला से संबंधित विभिन्न जानकारियां दीं. कार्यक्रम के अंत में ‘भाग्योदय’ नाटक की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा.

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By Bipin Kumar Mishra

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