बेगूसराय. बिहार की भाजपा-जदयू गठबंधन सरकार द्वारा एनएच-31 व एसएच-55 पर इ-रिक्शा परिचालन पर रोक लगाने के फैसले के खिलाफ एक्टू से संबद्ध इ- रिक्शा संघ ( एक्टू) से जुड़े रिक्शा चालकों ने जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया. जुलूस का नेतृत्व भाकपा माले जिला सचिव दिवाकर कुमार व इ-रिक्शा संघ के संरक्षक राजेश श्रीवास्तव कर रहे थे. जुलूस निकालने के पूर्व भाकपा माले कार्यालय में इ-रिक्शा चालकों की बैठक आयोजित की गयी. मौके पर सर्वसम्मति से बिहार सरकार का लिये गये फैसले की तीखी आलोचना की गयी. साथ ही, गरीबों के जीवन यापन से खिलवाड़ करने वाले निर्णय के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया. इस अवसर पर 29 जनवरी को जिला समाहरणालय के समक्ष बड़े स्तर पर रिक्शा चालकों का धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की गयी तथा इस मुद्दे पर 12 फरवरी को मजदूरों का आम हड़ताल में शामिल होकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया गया. मौके पर भाकपा माले जिला सचिव दिवाकर कुमार ने कहा कि नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे पर रिक्शा परिचालन पर रोक लगाने की आदेश मजदूर विरोधी आदेश है. जिससे लाखों-लाख मजदूर और उनके परिवार भुखमरी के शिकार हो जायेंगे. हमारी पार्टी रिक्शा चालकों की मांग का समर्थन करती है और हम मांग करते हैं कि इस आदेश को तत्काल रद्द किया जाये. उन्होंने मौके पर इस सवाल को लेकर 12 फरवरी को मजदूरों का आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए इ-रिक्शा चालकों से बड़ी संख्या में सड़क पर उतरने की अपील की. बैठक की अध्यक्षता रंजीत राज ने की. सभा को संबोधित करते हुए.इ-रिक्शा संघ के संरक्षक राजेश श्रीवास्तव ने भी चार श्रम कोड बिल रद्द करने को लेकर 12 फरवरी को देशव्यापी वामपंथी लोकतांत्रिक मजदूर संगठनों के आह्वान पर घोषित आम हड़ताल को सफल बनाने की अपील की. उन्होंने मोदी सरकार को किसान मजदूर विरोधी नीतियों और कानूनों की आलोचना करते हुए वापस लेने की मांग किया. जुलूस में कन्हैया लाल साह, टुनटुन राय, संजय साह, अशोक साह, कन्हैया साह, दयाराम साह, श्रवण कुमार साह, सुनील पासवान, अरविंद पासवान, राजबंधु, शंकर महतो, राम नरेश महतो, मोहम्मद शमीम उद्दीन उर्फ लाल बाबु आदि शामिल थे.
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