Begusarai News : बेगूसराय रेशनलाइजेशन के नाम पर शिक्षकों के कथित जबरन स्थानांतरण के विरोध में बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन (गोपगुट) बेगूसराय के बैनर तले शुक्रवार को डीईओ कार्यालय के समक्ष शिक्षक प्रतिरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला दहन कर सरकार की समानुपातीकरण नीति के खिलाफ विरोध जताया. कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं शामिल हुए.
समानुपातीकरण के नाम पर जबरन ट्रांसफर का आरोप
प्रतिरोध सभा को संबोधित करते हुए गोपगुट के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार मिश्र ने आरोप लगाया कि सरकार समानुपातीकरण के नाम पर शिक्षकों का जबरन स्थानांतरण कर रही है. उन्होंने कहा कि लगातार नए-नए मानक तय कर कभी कक्षावार तो कभी छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों की आवश्यकता निर्धारित की जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षकों को उनके कार्यरत विद्यालयों से हटाया जा रहा है. इससे शिक्षकों में भारी आक्रोश है.
बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा असर
मुकेश कुमार मिश्र ने कहा कि शिक्षा मंत्री लगातार ऐच्छिक स्थानांतरण की बात करते रहे हैं, लेकिन वर्तमान नीति के कारण शिक्षकों को दबावपूर्वक मूल विद्यालय से हटाया जा रहा है. उन्होंने इसे शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों के हितों के भी विपरीत बताया. उनका कहना था कि यदि कक्षावार शिक्षक उपलब्ध नहीं रहेंगे तो संयुक्त कक्षाएं चलानी पड़ेंगी, जिससे बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित होगी.
लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा विरोध
कार्यकारी जिला महासचिव अभिषेक रंजन ने कहा कि शिक्षक और छात्र विरोधी समानुपातीकरण नीति का लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध जारी रहेगा. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मांग की कि कक्षावार शिक्षकों की आवश्यकता को ही मानक बनाया जाए, ताकि समानुपातीकरण के नाम पर शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो.
डीएम को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी बेगूसराय को भी सौंपा. कार्यक्रम में गोपगुट के कार्यकारी जिलाध्यक्ष नीतेश रंजन, धर्मांशु, रवि कुमार, अजय कुमार, विपुल विक्रम, नीरज नयन, अजय कुमार साहू, सुमित कुमार, राहुल कुमार, प्रभात कुमार, विक्रांत कुमार, जयशंकर कुमार, रवि ज्योति, विकास कुमार, आनंद कुमार, अमितेश कुमार, गौरव कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे.
