Begusarai News : जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, बेगूसराय के तत्वावधान में मंगलवार को अनुमंडल कार्यालय के प्रकोष्ठ में अनुमंडल स्तरीय वृद्धजन भरण-पोषण अधिकरण सह सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी. कार्यक्रम का उद्घाटन जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग की सहायक निदेशक नेहा कुमारी, एसडीएम सन्नी कुमार सौरव सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया.
वृद्धजनों के अधिकार और कल्याण पर हुई चर्चा
कार्यशाला में वृद्धजनों के अधिकार, उनके भरण-पोषण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी. अध्यक्षता करते हुए एसडीएम सन्नी कुमार सौरव ने कहा कि बुजुर्गों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है. वृद्धजनों से संबंधित शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ निपटारा किया जाए और पात्र लाभुकों को सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर मिले, यह सभी संबंधित विभाग सुनिश्चित करें.
भरण-पोषण अधिनियम के प्रावधानों की दी गयी जानकारी
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के प्रति लोगों को जागरूक करना और वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना रहा. बताया गया कि वृद्ध माता-पिता को भोजन, कपड़ा, आवास और चिकित्सा देखभाल सहित आवश्यक भरण-पोषण का अधिकार प्राप्त है. इसके साथ ही अधिनियम के तहत गठित भरण-पोषण अधिकरण और कानूनी सुरक्षा के प्रावधानों की भी जानकारी दी गयी.
वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने पर जोर
अधिकारियों ने कहा कि समाज में वृद्धजनों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है. युवा पीढ़ी और समाज के सभी वर्गों को बुजुर्गों की जरूरतों और अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाना जरूरी है. कार्यशाला में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए.
प्रत्येक थाना क्षेत्र में तैयार होगी वरिष्ठ नागरिकों की सूची
कार्यशाला में प्रत्येक थाना क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों की अपडेट सूची तैयार करने और उसे समय-समय पर संशोधित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही पुलिस थाना के प्रतिनिधि को महीने में कम से कम एक बार वरिष्ठ नागरिकों के घर जाकर उनका हालचाल लेने और उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त करने को कहा गया. वृद्धजनों की देखभाल एवं सुरक्षा के लिए टास्क सूची तैयार करने पर भी जोर दिया गया, ताकि जरूरतमंद बुजुर्गों की समस्याओं की नियमित निगरानी की जा सके.
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
बैठक के दौरान वृद्धजन भरण-पोषण अधिकरण में प्राप्त और निपटाए गए वादों की रिपोर्ट की समीक्षा की गयी. इसके अलावा अपील अधिकरण में प्राप्त और निष्पादित मामलों का विवरण भी लिया गया. लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन तथा नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
Also Read : औरंगाबाद में बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा, कई इलाकों में घुसा पानी
महीने में एक बार अनुमंडल कार्यालय में होती है बैठक
एसडीएम ने कहा कि अनुमंडल कार्यालय में महीने में एक बार बैठक आयोजित की जाती है. वरिष्ठ नागरिक अथवा उनके परिजन इस बैठक में अपनी शिकायत और समस्या रख सकते हैं. प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाती है. उन्होंने कहा कि बखरी अनुमंडल क्षेत्र में इन मामलों की संख्या में कमी आयी है.
एक माह के भीतर स्थानीय स्तर पर समाधान का निर्देश
कार्यशाला में निर्देश दिया गया कि वृद्धजनों से संबंधित आवेदन प्राप्त होने के बाद सीडीपीओ द्वारा मामले की जांच करायी जाए. स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य मामलों का नियमानुसार एक माह के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया. गंभीर अथवा कानूनी प्रकृति के मामलों में संबंधित विभाग और पुलिस के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
वृद्धजन पेंशन समेत योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
कार्यशाला में मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, राष्ट्रीय वयोश्री योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी गयी. अधिकारियों से कहा गया कि पात्र और जरूरतमंद वृद्धजनों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया में तेजी लायी जाए.
Also Read : गोह में बीपीएमयू की मासिक बैठक, स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यशाला में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बखरी, गढ़पुरा एवं नावकोठी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी बखरी, गढ़पुरा एवं नावकोठी, थानाध्यक्ष बखरी, परिहारा, गढ़पुरा एवं नावकोठी तथा वन स्टॉप सेंटर बखरी की केंद्र प्रशासक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे.
प्रशासन और समाज को जागरूक करना कार्यक्रम का उद्देश्य
जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, बेगूसराय की सहायक निदेशक नेहा कुमारी ने वृद्धजन भरण-पोषण अधिकरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता और संवेदीकरण कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों को वृद्धजनों के अधिकारों के प्रति जागरूक करना है, ताकि बुजुर्गों को सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण मिल सके.
Also Read : औरंगाबाद में एनएच-19 पर मवेशियों से लदे दो कंटेनर जब्त, 74 भैंस बरामद
