Begusarai News : बखरी में सोमवार को नागपंचमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर गंगराहो, बखरी, लौछे और हेमनपुर स्थित मंदिरों में स्थापित माता भगवती की पूजा-अर्चना की गई. श्रद्धालुओं ने दूध, लावा और झांप अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की.
गंगराहो के दोनों भगवती मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
गंगराहो गांव स्थित माता भगवती के दोनों मंदिरों, क्षत्रिय पूजा समिति एवं सार्वजनिक भगवती मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि सावन माह की पंचमी पर यहां प्राचीन काल से माता भगवती की पूजा होती आ रही है. यह परंपरा पूर्वजों के समय से चली आ रही है और आज भी पूरे विधि-विधान से निभाई जाती है.
विषहर माता की पूजा से सर्पदंश से मुक्ति की मान्यता
स्थानीय लोगों के अनुसार, माता भगवती को विषहर माता के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि सर्पदंश की स्थिति में श्रद्धापूर्वक माता की पूजा-अर्चना और उपासकों द्वारा दिया गया नीर ग्रहण करने से कष्ट दूर होता है. नागपंचमी के दिन नागदेव की पूजा और व्रत रखने का भी विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है.
बड़ी पोखर में दिखा अनूठा धार्मिक आयोजन
गंगराहो के सरकारी विद्यालय स्थित बड़ी पोखर पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी. यहां धार्मिक परंपरा के तहत माता भगवती के आशीर्वाद के साथ विषैले सर्पों को बाहर निकालने की परंपरा निभाई गई. इससे पहले श्रद्धालुओं ने दूध और लावा अर्पित कर पूजा की. इस अनूठे धार्मिक आयोजन को देखने के लिए दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे.
मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आकर्षण
नागपंचमी मेले में श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए दो दिवसीय बिदेसिया नाच, भजन-कीर्तन, मिठाई की दर्जनों दुकानें, बच्चों के लिए विभिन्न झूले और मीना बाजार की व्यवस्था की गई है. मेले में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पूजा समिति के सदस्य पूरे समय मुस्तैद रहे.
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