Begusarai News: कर्मचारी भवन के कर्मयोगी सभागार में बिहार राज्य किसान सभा, सीटू (CITU) और बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन की बेगूसराय जिला इकाई के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया. इसमें केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान, मजदूर व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाई गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेश यादव, रामविलास सिंह और रामबालक सहनी के तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडली ने की.
10 अगस्त को राष्ट्रव्यापी 'जेल भरो आंदोलन' का आह्वान
कन्वेंशन का उद्घाटन करते हुए बिहार राज्य किसान सभा के पूर्व राज्य अध्यक्ष सह पूर्व विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार की विदेश नीति और आंतरिक आर्थिक नीति पूरी तरह विफल साबित हुई है. देश में महंगाई, अपराध और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहे हैं तथा मुनाफे वाले सरकारी उद्योगों को बेचा जा रहा है. उन्होंने कॉर्पोरेट परस्त नीतियों के खिलाफ 9 अगस्त 'अंग्रेजों भारत छोड़ो दिवस' की तर्ज पर 10 अगस्त को राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया.
केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफे की मांग का प्रस्ताव पारित
कन्वेंशन का प्रस्ताव रखते हुए किसान कौंसिल के जिला सचिव दयानिधि चौधरी ने छात्रों और युवाओं पर हुए दमनात्मक रवैये को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया.
मजदूरों के अधिकार और बरौनी रिफाइनरी का मुद्दा
सीटू जिला सचिव अंजनी कुमार सिंह ने चार श्रम संहिताओं को मजदूर विरोधी बताते हुए न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी की मांग की. वहीं, रत्नेश झा ने बरौनी रिफाइनरी के ठेका मजदूरों के शोषण का मुद्दा उठाते हुए आंदोलनकारी मजदूरों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की. खेतिहर मजदूर यूनियन के संयुक्त सचिव सूर्य नारायण रजक ने मनरेगा में काम की कानूनी गारंटी और बेकारी भत्ते के प्रावधान को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया.
कन्वेंशन को रिफाइनरी ठेका मजदूर नेता लालाबाबू यादव, किसान सभा के संयुक्त सचिव रामाशीष राय और कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव मोहन मुरारी सहित कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया.
