Begusarai News : कांवर झील आर्द्रभूमि के संरक्षण, जैव विविधता के दस्तावेजीकरण और जैविक खेती को बढ़ावा देने को लेकर जयमंगलागढ़ स्थित वन विभाग के अतिथिशाला में रविवार को मंझौल-1, मंझौल-2, मंझौल-3 और रजौड़ पंचायतों की जैव विविधता प्रबंधन समितियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गयी. बैठक में बिहार राज्य जैव विविधता परिषद के क्षेत्रीय स्टेशन के जीआइएस एवं रिमोट सेंसिंग पदाधिकारी डॉ. जय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे.
जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र है कांवर झील
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. जय कुमार ने कहा कि कांवर झील आर्द्रभूमि जैव विविधता का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है. यहां विभिन्न प्रकार के दुर्लभ जलीय जीव, पक्षी और वनस्पतियां पायी जाती हैं. पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए इन सभी का संरक्षण बेहद आवश्यक है. उन्होंने स्थानीय लोगों से आर्द्रभूमि और उसके प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की.
किसानों को जैविक खेती के लिए किया गया जागरूक
बैठक के दौरान किसानों और ग्रामीणों को पर्यावरण के अनुकूल एवं सुरक्षित कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए जैविक खेती के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी. जैविक खेती के फायदे और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में इसकी भूमिका पर भी चर्चा की गयी. किसानों को रासायनिक कृषि पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण हितैषी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.
पीपुल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर अपडेट करने पर जोर
कांवर झील क्षेत्र की जैव विविधता को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पीपुल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर (पीबीआर) को अपडेट करने पर विशेष जोर दिया गया. बैठक में क्षेत्र में मौजूद स्थानीय जैविक संसाधनों का उचित दस्तावेजीकरण करने और उनके संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा की गयी.
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जनभागीदारी बढ़ाने की बनी रणनीति
बैठक में जैव विविधता संरक्षण के अभियान में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की गयी. जैव विविधता प्रबंधन समितियों ने क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्द्धन का संकल्प लिया.
कांवर झील को लेकर एनजीटी ने जारी किया है नोटिस
ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एशिया प्रसिद्ध मीठे पानी की कांवर झील में जैव विविधता के संरक्षण को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. इसके बाद झील के संरक्षण और जैव विविधता को सुरक्षित रखने को लेकर स्थानीय स्तर पर भी गतिविधियां तेज हुई हैं.
वन विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में वन विभाग के अधिकारी, जैव विविधता प्रबंधन समिति के सदस्य, विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे. बैठक में कांवर झील की जैव विविधता को संरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया.
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