Begusarai News : घर के मवेशियों को चारा देने निकले 13 वर्षीय सन्नी रंजन को क्या पता था कि रास्ते में मौत उसका इंतजार कर रही है. शुक्रवार की देर शाम बरियाही गांव के शिव मंदिर चौक के पास लटक रहे करेंट प्रवाहित बिजली तार की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही झुलसकर मौत हो गयी. हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में मातम पसरा है. मृतक की पहचान बरियाही गांव निवासी पवन यादव के 13 वर्षीय पुत्र सन्नी रंजन के रूप में हुई है.
आंधी के कारण टूट कर गिर गया था तार
शुक्रवार देर शाम तेज आंधी-तूफान के दौरान शिव मंदिर चौक के समीप बिजली पोल से सर्विस लाइन का तार टूट गया था.तार टूटने के बाद वह जमीन की ओर लटक रहा था और उसमें बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा था.इसी स्थान के पास परिवार के मवेशी भी बंधे थे.
परिजनों के अनुसार देर शाम सन्नी मवेशियों को नाद में चारा देने पहुंचा.इसी दौरान अनजाने में उसका संपर्क लटक रहे नंगे बिजली तार से हो गया. तार के संपर्क में आते ही वह करंट की चपेट में आ गया. करंट का झटका इतना तेज था कि उसे संभलने तक का मौका नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गयी.
मवेशियों को चारा देने जा रहा था सन्नी
सन्नी पढ़ाई करने के साथ घर के कामों में भी अपने परिवार का हाथ बंटाता था. वह दो भाइयों और एक बहन में बीच का था.उसके पिता पवन यादव थर्मल पावर प्लांट और निर्माण कार्यों में राजमिस्त्री व मजदूर के रूप में काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं.
बेटे की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे तथा परिजनों को ढांढस बंधाया. सूचना पर चकिया थाना की पुलिस भी पहुंची और पोस्टमार्टम के बाद रात में शव परिजनों को सौंप दिया गया.
बिजली कंपनी पर लापरवाही बरतने का आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी भी देखी गई.ग्रामीणों का कहना है कि आंधी के बाद तार टूटकर लटक रहा था,लेकिन समय रहते उसे दुरुस्त नहीं किया गया.क्षेत्र में जर्जर और लटकते बिजली तारों को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है,ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो.
सिमरिया-2 पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि संजीव कुमार ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के बीच एक गरीब परिवार ने अपना होनहार बच्चा खो दिया है.उन्होंने प्रशासन और राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष एवं विभागीय नियमों के तहत जल्द से जल्द उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.
