Begusarai News: जिले के बलिया दियारा क्षेत्र में बाढ़ की विभीषिका से अभी लोग पूरी तरह संभल भी नहीं पाए थे कि गंगा नदी के जलस्तर में दोबारा शुरू हुई वृद्धि ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. विगत पांच दिनों से जलस्तर में लगातार गिरावट होने से दियारावासियों ने राहत की सांस ली थी. हालांकि, दियारा क्षेत्र को प्रखंड व अनुमंडल मुख्यालय से जोड़ने वाली कई प्रमुख ग्रामीण व संपर्क सड़कों से बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरा भी नहीं था कि सोमवार से नदी के जलस्तर में फिर से उफान देखा जा रहा है.
80 फीसदी खरीफ फसलें पहले ही बर्बाद, पशुपालकों पर दोहरी मार
गंगा के पिछले उफान के कारण दियारा क्षेत्र में लगी मक्का, बाजरा, दलहन और सब्जियों समेत करीब 80 फीसदी खरीफ फसलें बाढ़ के पानी में डूबकर पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं. ऐसे में जलस्तर में पुनः बढ़ोतरी होने से किसानों और पशुपालकों की मुश्किलें चरम पर पहुंच गई हैं. खेतों में पानी भरे रहने से हरे चारे का भीषण संकट खड़ा हो गया है, जिससे मवेशियों को बचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
6 पंचायतों की 60 हजार से अधिक आबादी प्रभावित
गंगा में पानी बढ़ने पर बलिया प्रखंड क्षेत्र की आधा दर्जन पंचायतों के दियारा इलाके सीधे तौर पर जलमग्न हो जाते हैं:
- प्रभावित पंचायतें: भवानंदपुर, ताजपुर, पहाड़पुर, परमानंदपुर, भगतपुर और फतेहपुर पंचायत के दर्जनों वार्डों में बाढ़ का सीधा असर पड़ता है.
- आवागमन ठप: लगभग 60 हजार की आबादी का सड़क संपर्क प्रखंड एवं अनुमंडल मुख्यालय से कट जाता है.
- दैनिक संकट: मुख्य सड़कों पर पानी चढ़ जाने के कारण ग्रामीणों को राशन, आवश्यक दवाएं, शुद्ध पेयजल और रोजमर्रा की सामग्रियों के लिए नावों के सहारे निर्भर रहना पड़ता है.
शिवनगर के पास गंगा का भीषण कटाव, ग्रामीणों में दहशत
जलस्तर में ताजा वृद्धि के साथ ही शिवनगर गांव के समीप गंगा नदी का कटाव एक बार फिर तीव्र हो गया है. यद्यपि जल संसाधन विभाग द्वारा बाढ़ संघर्षात्मक कार्य (Flood Fighting) के तहत गांव और तटबंध को बचाने के लिए जियो-बैग्स व अन्य सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन गंगा की तेज जलधारा के दबाव के कारण कटाव रोधी कार्य भी संघर्ष करते दिख रहे हैं. तेज कटाव के चलते तटवर्ती ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है.
