Begusarai Flood : गंगा नदी का रौद्र रूप देख दियारा वासियों में बेचैनी बढ़ गई है. गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी रहने से प्रखंड क्षेत्र का आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गया है. गंगा नदी और बांध के बीच स्थित प्रखंड क्षेत्र के सलेमाबाद, ज्ञान टोल, बहलोरिया, छर्रा पट्टी, श्रीनगर, रघुनाथपुर और हिराटोल गांव के सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है.
जिससे लोग घर छोड़कर पलायन करने पर मजबूर हो गए हैं. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के स्कूलों में पानी घुस जाने के कारण स्कूल में पढ़ाई ठप हो गई है.
सलेमाबाद के 80 प्रतिशत घरों में घुसा पानी, रिश्तेदारों के यहां पलायन जारी
बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित सलेमाबाद गांव के करीब 80 प्रतिशत घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है जिससे कुछ लोग गांव के ही छतदार मकान के छत पर शरण ले लिया तो कुछ परिवार गांव से पलायन कर रिश्तेदारों के यहां जाने लगे हैं. बाढ़ के कारण पशुपालकों को पशुचारा उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है. बाढ़ पीड़ितों के लिए धूप और वर्षा से बचने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है.
जनप्रतिनिधियों ने लिया जायजा, प्लास्टिक व राहत सामग्री की मांग की
समस्तीपुर पंचायत का मुखिया संजय यादव, सरपंच मनोज सिंह, पंसस प्रतिनिधि ललन यादव, युवा राजद प्रखंड अध्यक्ष संतोष कुमार ने शुक्रवार को बाढ़ क्षेत्र सलेमाबाद गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उसकी परेशानी से रूबरू हुए.
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बाढ़ पीड़ितों से मिलने के बाद जनप्रतिनिधियों की टीम ने सरकार से प्लास्टिक, पशुचारा, बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा एवं दवा की अविलंब व्यवस्था करने की मांग की है.
सड़कें डूबने से टूटा संपर्क, केवल नाव ही बनी आवागमन का सहारा
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि सलेमाबाद गांव का मुख्य मार्ग बाढ़ की चपेट में आ जाने से प्रखंड और पंचायत कार्यालय से गांव का संपर्क टूट गया है. दियारा क्षेत्र में लगी फसल डूब जाने से पशुपालकों को पशुचारा का संकट उत्पन्न हो गया है.
सभी रास्ता बाढ़ के पानी में डूब जाने से बाजार, हॉस्पिटल, प्रखंड व पंचायत कार्यालय आदि जगहों पर आने जाने के लिए नाव ही एक मात्र विकल्प रह गया है.
खुले आसमान नीचे रहने को विवश हैं प्रभावित परिवार
बाढ़ का पानी तेजी से फैलने के कारण कई परिवार घर की छतों पर खुले आसमान में शरण लिए हुए हैं. सुविधाएं न मिलने से कुछ लोग गांव से पलायन करने पर भी मजबूर हो गए हैं.
