बेगूसराय में घटने लगा बाढ़ का पानी, अब संक्रमण का खतरा; 71 मेडिकल कैंप और 4 बोट एम्बुलेंस तैनात

बेगूसराय में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है. इसके साथ ही जिला प्रशासन संक्रमण और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरत रहा है. प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान तेज कर दिया गया है.

बेगूसराय जिले में बाढ़ की स्थिति में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और बाढ़ का पानी घटने लगा है. जलस्तर में कमी के साथ ही जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में महामारी एवं जलजनित बीमारियों की संभावित आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है.

जिला पदाधिकारी, रिची पांडेय के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता, फॉगिंग, ब्लीचिंग एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है.

प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रही हैं तथा आवश्यकता के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है.

गंगा नदी का जलस्तर घटने के साथ स्वच्छता अभियान तेज

14 सितंबर 2026 को गंगा नदी का जलस्तर 42.79 मीटर दर्ज किया गया है. बाढ़ का पानी घटने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जलजमाव, गंदगी एवं कचरे के कारण संक्रमण फैलने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है. प्रभावित गांवों एवं जलजमाव वाले क्षेत्रों में फॉगिंग एवं ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है.

नालियों एवं आसपास के क्षेत्रों की सफाई, कीटाणुशोधन तथा स्वच्छता संबंधी अन्य आवश्यक कार्य भी कराए जा रहे हैं. लोगों को दूषित पानी के सेवन से बचने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य शिविर से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है.

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कुल 189 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कुल 189 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए गए हैं. 13 सितंबर की स्थिति के अनुसार इनमें 113 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित हैं, जबकि 78 केंद्रों का संचालन बंद किया जा चुका है.

इन सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से अब तक कुल 11,16,917 भोजन उपलब्ध कराया गया है. इसके अतिरिक्त 350 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं. प्रभावित परिवारों को अब तक 35,731 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं, जबकि जिले में 41,880 पॉलिथीन शीट उपलब्ध हैं.

प्रभावित क्षेत्रों में 71 मेडिकल कैंप और पशु चिकित्सा शिविर संचालित

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. प्रभावित क्षेत्रों में 71 मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 4 बोट एम्बुलेंस कार्यरत हैं.

मेडिकल कैंपों के माध्यम से अब तक 46,583 लोगों का उपचार किया जा चुका है. पशुधन की सुरक्षा के लिए भी व्यापक व्यवस्था की गई है. प्रभावित क्षेत्रों में 78 पशु चिकित्सा शिविर संचालित हैं, जिनके माध्यम से अब तक 12,931 पशुओं का उपचार किया गया है। पशुओं के लिए 2001.28 क्विंटल पशुचारे का वितरण किया जा चुका है.

जिले में कुल 27,034 हेक्टेयर कृषि रकबा प्रभावित

बाढ़ के कारण जिले में कुल 27,034 हेक्टेयर कृषि रकबा प्रभावित हुआ है, जिसमें 19,504 हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति हुई है.

फसल क्षति का आकलन एवं आवश्यक कार्रवाई संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है. जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बाढ़ का पानी घटने के बाद उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों पर भी पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निगरानी रखी जा रही है.

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By विपिन कुमार मिश्र

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