Begusarai News : बखरी प्रखंड सभागार में गुरुवार को उर्वरक निगरानी समिति की बैठक प्रखंड प्रमुख शिवचंद्र पासवान की अध्यक्षता में हुई. बैठक में किसानों को खाद उपलब्ध कराने में हो रही परेशानी, उर्वरक की कालाबाजारी और निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत वसूले जाने के मुद्दे पर सदस्यों ने गंभीर चिंता जतायी. जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि किसानों को खाद के लिए किसी भी कीमत पर परेशान नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए.
पिछली बैठक के प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने पर जतायी नाराजगी
बैठक की शुरुआत पिछली बैठक में सदस्यों द्वारा दिए गए प्रस्तावों की संपुष्टि और उन पर हुई कार्रवाई की समीक्षा से हुई. इस दौरान प्रखंड प्रमुख शिवचंद्र पासवान ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सदस्यों की ओर से किसानों की समस्याओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिए जाते हैं, लेकिन कई बार वे सिर्फ रजिस्टर तक सीमित रह जाते हैं. प्रस्तावों पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए, तभी निगरानी समिति के गठन का उद्देश्य पूरा होगा.
प्रस्तावों पर कार्रवाई की जानकारी सदस्यों को देने की मांग
विधायक प्रतिनिधि सह लोजपा (आर) के प्रखंड अध्यक्ष पंकज पासवान ने कहा कि निगरानी समिति के सदस्यों द्वारा बैठक में रखे जाने वाले प्रस्तावों को संबंधित पदाधिकारियों तक भेजना सुनिश्चित किया जाए. साथ ही प्रस्ताव पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी भी समिति के सदस्यों को दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसानों को सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए. निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लेने वाले खाद दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
यूरिया 266 और डीएपी 1350 रुपये की निर्धारित कीमत
बैठक में उर्वरकों की निर्धारित कीमत को लेकर भी चर्चा हुई. सदस्यों ने कहा कि यूरिया की निर्धारित कीमत 266 रुपये और डीएपी की कीमत 1,350 रुपये है. इसके बावजूद यदि कोई दुकानदार किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. पंकज पासवान ने अधिक कीमत वसूलने वाले दुकानदारों का लाइसेंस रद्द करने की मांग की.
खाद दुकानदारों की नियमित निगरानी की मांग
भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज महतो ने कहा कि खाद की उपलब्धता और कीमत को लेकर किसानों के साथ शोषण किया जा रहा है. दुकानदारों की मनमानी के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है और इससे सरकार की छवि भी खराब हो रही है. उन्होंने प्रशासन से खाद दुकानदारों की नियमित निगरानी करने और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की.
जदयू प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. इसके बावजूद किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़े या निर्धारित मूल्य से अधिक राशि देनी पड़े, तो यह गंभीर चिंता का विषय है.
अधिक कीमत पर खाद बेचने पर लाइसेंस होगा रद्द
प्रखंड कृषि पदाधिकारी शोभित कुमार ने खाद दुकानदारों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि सरकारी स्तर पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले दुकानदारों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा. यदि जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की शिकायत सही पायी जाती है, तो संबंधित दुकानदार का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने किसानों से भी अपील की कि यदि कोई खाद दुकानदार निर्धारित सरकारी मूल्य से अधिक राशि की मांग करता है, तो उसके खिलाफ लिखित आवेदन दें. शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
कालाबाजारी और जमाखोरी पर निगरानी का निर्णय
बैठक में उर्वरक की बिक्री की नियमित निगरानी करने और किसानों को खाद लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने पर विशेष जोर दिया गया. सदस्यों ने कहा कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता है.
बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार मुकेश, जिला पार्षद सदस्य घनश्याम राय, बीटीएम विजय कुमार, बबलू कुमार, धीरज कुमार सहित उर्वरक निगरानी समिति के सभी सलाहकार एवं संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे.
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