भूमि के अभाव में 91 पंचायतों में खेल मैदान के निर्माण पर लगा ग्रहण

खिलाड़ियों को उड़ान देने के उद्देश्य से बिहार सरकार जिले के सभी पंचायतों में मनरेगा के तहत खेल मैदान का निर्माण करवा रही है.

बेगूसराय. खिलाड़ियों को उड़ान देने के उद्देश्य से बिहार सरकार जिले के सभी पंचायतों में मनरेगा के तहत खेल मैदान का निर्माण करवा रही है. जिला अंतर्गत 126 पंचायत में 144 खेल मैदान का निर्माण कार्य किया जा रहा है. इनमें 75 पंचायतों में खेल मैदान निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका है. वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 63 खेल मैदान का उद्घाटन भी कर दिया है. जबकि 91 पंचायतों में खेल मैदान निर्माण के लिए अब तक जमीन भी चिन्हित नहीं हो पायी है. यह कहीं न कहीं पदाधिकारी की उदासीनता झलक रही है. विभाग की माने तो 30 जून 2025 तक खेल मैदान निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है. इसके लिए जिलास्तर से लेकर प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी कार्य मे लगे हुए हैं. डीएम तुषार सिंगला खुद भी खेल मैदान निर्माण कार्य की मॉनरटरिंग कर रहे हैं. ग्रामीण स्तर के युवाओं के लिये खेल मैदान का निर्माण कहीं न कहीं अच्छी पहल साबित होगी.

खेल मैदान के निर्माण में अधिकतम 10 लाख रुपये होंगे खर्च

मनरेगा अंतर्गत जिले के सभी पंचायतों में खेल मैदान का निर्माण किया जाना है. इसके लिये अधिकतम 10 लाख रुपये खर्च किये जाने का प्रावधान है. जमीन उपलब्धता के अनुसार तीन प्रकार के खेल मैदान का निर्माण किया जा रहा है. छोटा खेल मैदान के लिये एक एकड़, मध्यम खेल मैदान के लिये एक से डेढ़ एकड़ वहीं बड़ा खेल मैदान निर्माण के लिये डेढ़ से चार एकड़ जमीन की जरूरत होती है. खेल मैदान निर्माण होने से ग्रामीण स्तर के युवाओं को खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा निखारने के मौका मिलेगा.

खेल मैदान में चार खेलों की होगी उपलब्धता

जिला अंतर्गत बनने वाले खेल मैदान में न्यूनतम चार खेल की उपलब्धता होगी. विभाग की माने तो प्रत्येक खेल मैदान में बास्केटबॉल, बैडमिंटन, वालीबॉल और रनिंग ट्रैक बनाया जायेगा. वहीं विभाग का कहना है कि यदि खेल मैदान के लिये अधिक जमीन उपलब्ध हो पाती है तो फुटबॉल, क्रिकेट, कबड्डी आदि के लिये भी कार्ययोजना बनेगी. मनरेगा के पदाधिकारी ने बताया कि कुछ पंचायतों में थोड़ी बहुत जमीन उपलब्धता में परेशानी के कारण खेल मैदान का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है.

खेल के क्षेत्र में बेहतर कैरियर

वर्तमान समय में खेल के क्षेत्र में भी बहुत कैरियर है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही घोषणा कर रखी है जो भी खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में मैडल लेकर आयेगा उसे सीधे सरकारी नौकरी दी जायेगी. इस घोषणा के बाद ग्रामीण स्तर के युवाओं में भी खेल के क्षेत्र में रुचि बढ़ी है. बेगूसराय के खिलाड़ी लगातार विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का काम कर रहे हैं.

खेल मैदान बनने से लड़कियों को मिलेगा फायदा

पंचायत स्तर पर खेल मैदान बन जाने से ग्रामीण स्तर की लड़कियों को खास फायदा मिलेगा. वर्तमान समय में पुलिस बल में भर्ती के लिये लड़कियों को 50 प्रतिशत का आरक्षण मिल रहा है. इसकी तैयारी के लिये जहां लड़कियां पहले प्रखंड अथवा जिला मुख्यालय जाती थी. अब वह सुविधा उसे गांव में ही उपलब्ध हो जायेगा. वहीं खेल मैदान बनने से ग्रामीण स्तर खिलाड़ियों के अभिभावकों में भी सरकार के प्रति खुशी झलक रही है.

खेलो इंडिया में बेगूसराय ने की मेजबानी

पिछले दिनों ही खेलो इंडिया में फुटबॉल गेम के लिये बेगूसराय जिला ने मेजबानी करने का काम किया. इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों के लड़के एवं लड़कियों ने भाग लिया था. यह कहीं न कहीं जिले के खिलाड़ियों में ऊर्जा भरने का काम किया था. वहीं बछवाड़ा विधायक सह बिहार सरकार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि बिहार सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार नयी-नयी योजनाएं बना रही है. खेल मंत्री का मानना है कि वर्तमान समय में खेल के क्षेत्र में भी बहुत सारा कैरियर है.

कहते हैं पदाधिकारी

जिले के 217 पंचायतों में खेल मैदान का निर्माण होना है. इसके लिये प्रशासनिक स्तर पर लगातार पहल की जा रही है. खेल मैदान निर्माण में पंचायत जन-प्रतिनिधि और ग्रामीणों के सकारात्मक सहयोग की जरूरत है.

बिट्टू कुमार सिंह, डीपीओ, मनरेगा

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By Manish kumar

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