Begusarai News : बलिया प्रखंड क्षेत्र की चार पंचायतों में बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है. पिछले तीन दिनों से गंगा के जलस्तर में कमी आने के बावजूद दियारा क्षेत्र के लोगों को पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी है. कई प्रमुख सड़कों पर अब भी बाढ़ का पानी जमा रहने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, पानी के बीच वाहन चालक जान जोखिम में डालकर आवागमन करने से बाज नहीं आ रहे हैं.
लखमिनियां-मसुदनपुर पथ के चेचियाही ढाब, मसुदनपुर-शाहपुर पथ के गंगा पेटी, मनसेरपुर-शादीपुर पथ के पहाड़पुर के समीप तथा परमानंदपुर जाने वाली सड़क पर एक से दो फीट तक पानी फैला हुआ है. कई जगहों पर पानी की गहराई अधिक होने के कारण आवागमन करना जोखिम भरा बना हुआ है.
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चेचियाही ढाब में गड्ढे की ओर जाने लगा वाहन, टला बड़ा हादसा
रविवार की सुबह लखमिनियां-मसुदनपुर पथ स्थित चेचियाही ढाब में एक चारपहिया वाहन सवारियों को लेकर पानी पार कर रहा था. इसी दौरान वाहन सड़क किनारे गड्ढे की ओर जाने लगा. गनीमत रही कि मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को किसी तरह संभालकर बाहर निकाल लिया.
वाहन में बच्चे और बुजुर्ग समेत करीब छह लोग सवार थे. यदि वाहन सड़क से नीचे चला जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वाहन चालकों से पानी के बीच से गुजरते समय सावधानी बरतने की अपील की.
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हर साल बनी रहती है हादसे की आशंका
स्थानीय लोगों ने बताया कि चेचियाही ढाब में प्रत्येक वर्ष बाढ़ के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है. इसके बावजूद वाहन चालक जोखिम उठाकर पानी के बीच से गुजर रहे हैं. प्रशासन की ओर से ढाब के दोनों तरफ बैरिकेडिंग की गयी है, जिसे पकड़कर पैदल लोग आवागमन कर सकते हैं.
हालांकि, सड़क पर करीब दो से ढाई फीट पानी रहने के कारण वाहनों का आवागमन खतरे से खाली नहीं है. रविवार को भी दर्जनों वाहन पानी के बीच से गुजरते दिखाई दिए. इनमें ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, सवारी जीप और चारपहिया वाहन शामिल थे.
वाहन चालकों को रोकने के लिए चौकीदार की तैनाती
स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने चेचियाही ढाब पर चौकीदार की प्रतिनियुक्ति की है. चौकीदार को पानी में वाहन ले जाने वाले चालकों को रोकने की जिम्मेदारी दी गयी है. प्रशासन की ओर से लोगों को बाढ़ प्रभावित सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन नहीं ले जाने की सलाह दी जा रही है.
शाम और रात में बढ़ जाता है खतरा
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से सड़क पर बाढ़ का पानी जमा है. पानी की गहराई और सड़क के किनारे का सही अंदाजा नहीं लगने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है. विशेषकर शाम और रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है.
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार पानी जमा रहने के कारण सड़क की स्थिति भी खराब हो गयी है. ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि पानी के बीच जोखिम उठाकर आवागमन करने वाले वाहनों पर रोक लगायी जा सके.
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