Harigiri Dham Temple Begusarai : सावन की अंतिम सोमवारी पर जिले में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. सिमरिया गंगा घाट से लेकर गढ़पुरा स्थित प्रसिद्ध बाबा हरिगिरि धाम मंदिर तक पूरा कांवरिया पथ ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा. हजारों श्रद्धालुओं ने सिमरिया गंगा घाट से पवित्र गंगाजल भरा और पैदल कांवर यात्रा कर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया.
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए. जिला पदाधिकारी रिची पांडेय एवं जिला पुलिस कप्तान मनीष कुमार के निर्देश पर कांवरिया पथ, मंदिर परिसर और प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस पदाधिकारी एवं जवानों की तैनाती की गई. प्रशासनिक टीमें लगातार भीड़ और यातायात व्यवस्था की निगरानी करती रहीं.
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रात दो बजे खुले मंदिर के कपाट
अंतिम सोमवारी को कांवड़ियों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए बाबा हरिगिरि धाम मंदिर के कपाट रात करीब दो बजे ही खोल दिए गए. इसके बाद श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई. मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति एवं प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्था की गई.
सिमरिया से हरिगिरि धाम तक सेवा की बही धारा
सिमरिया से गढ़पुरा तक कांवड़ियों के गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर स्थानीय लोगों और विभिन्न सेवा समितियों ने सेवा शिविर लगाए. चकिया, बीहट, जीरोमाइल, बथौली, वीरपुर, कोरिया, मंझौल, जयमंगलागढ़, महेशबारा, हरसाइन पुल, रक्सी चौक सहित कई स्थानों पर कांवरियों को नींबू-शरबत, ताजे फल और शीतल जल नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया.
कई जगहों पर कांवड़ियों के ठहरने, भोजन और विश्राम की भी व्यवस्था की गई. सेवा शिविरों में स्वयंसेवक लगातार कांवरियों की मदद करते नजर आए. इससे लंबी दूरी तय कर रहे श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली.
विशेष पूजा और शिव आरती ने भक्तों को बांधा
अंतिम सोमवारी से एक दिन पहले रविवार को बाबा हरिगिरि धाम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर बाबा भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार किया गया. बनारस से पहुंचे ब्राह्मणों द्वारा गंगा आरती की तर्ज पर विशेष शिव आरती की गई. आरती के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया.
रातभर चला भव्य जागरण
कांवरियों और श्रद्धालुओं के लिए कई स्थानों पर भव्य जागरण का भी आयोजन किया गया. शाम पांच बजे से शुरू हुआ भक्ति जागरण देर रात तक चलता रहा. भक्ति गीतों पर कांवरिया और श्रद्धालु झूमते नजर आए. बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा इलाका भक्तिमय हो उठा.
सावन की अंतिम सोमवारी पर श्रद्धा, सेवा और सुरक्षा का ऐसा संगम देखने को मिला कि सिमरिया गंगा घाट से लेकर बाबा हरिगिरि धाम तक पूरा कांवरिया पथ शिवभक्ति में डूबा नजर आया. श्रद्धालुओं की अपार भीड़ और लगातार गूंजते जयकारों ने इस धार्मिक आयोजन को भक्ति, सेवा और सौहार्द का बड़ा पर्व बना दिया.
