Begusarai News : प्रखंड के समसा-दो पंचायत निवासी शोधार्थी ब्रजेश कुमार ने पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर मंसूरचक प्रखंड ही नहीं, बल्कि पूरे बेगूसराय जिले का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के वाणिज्य विभाग से "मखाना उद्योग की समस्याएँ एवं संभावनाएँ : दरभंगा जिले के संदर्भ में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन" विषय पर अपना शोधकार्य सफलतापूर्वक पूरा किया.
कठिन परिश्रम से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है : ब्रजेश कुमार
ब्रजेश कुमार ने अपनी सफलता पर कहा कि इस दुनिया में कोई भी लक्ष्य कठिन परिश्रम, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने असंभव नहीं है. उन्होंने कहा कि जिस छात्र-छात्रा के भीतर सीखने की चाह और लक्ष्य के प्रति समर्पण होता है, उसके लिए सफलता प्राप्त करना आसान हो जाता है.
शोध में मखाना उद्योग की चुनौतियों और संभावनाओं का किया विश्लेषण
ब्रजेश कुमार ने डॉ. अनुपम के शोध निर्देशन में अपना शोधकार्य पूरा किया. अपने अध्ययन में उन्होंने दरभंगा जिले के मखाना उद्योग की वर्तमान स्थिति, उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन व्यवस्था, रोजगार सृजन, वित्तीय एवं तकनीकी चुनौतियों का गहन विश्लेषण किया है. साथ ही मखाना उद्योग के समग्र विकास, मूल्य संवर्धन, आधुनिक तकनीक के उपयोग, विपणन व्यवस्था को मजबूत करने तथा किसानों और उद्यमियों की आय बढ़ाने के लिए व्यावहारिक सुझाव भी प्रस्तुत किए हैं.
परिजनों और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय
मकदमपुर निवासी प्रखर किसान रामानंद कैब के पुत्र ब्रजेश कुमार ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने शोध निर्देशक डॉ. अनुपम, विभागाध्यक्ष डॉ. रवि श्रीवास्तव, संकायाध्यक्ष मो. मोस्तफा, डॉ. चौधरी साकेत, डॉ. सुभाष कुमार, कन्हैया कुमार, महिपाल ओझा, सौरभ कुमार, सत्यम कुमार, पूजा कुमारी, अपने परिवार और सभी शुभचिंतकों को दिया.
शोध किसानों और नीति-निर्माताओं के लिए होगा उपयोगी
ब्रजेश कुमार ने कहा कि उनका शोध मखाना उद्योग से जुड़े किसानों, उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी साबित होगा. इससे बिहार के प्रमुख कृषि आधारित उद्योग के विकास को नई दिशा मिलेगी और मखाना उत्पादकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.
शिक्षकों और शुभचिंतकों ने दी बधाई
पीएचडी की उपाधि मिलने पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों, मित्रों और शुभचिंतकों ने ब्रजेश कुमार को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उनकी इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया गया.
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