Begusarai Post Department Driver Beaten News: बिहार में दो सरकारी विभागों के बीच टकराव और खाकी वर्दी के रौब का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे को हिलाकर रख दिया है. पटना से भागलपुर जा रहे डाक विभाग के एक सरकारी चालक के साथ ट्रैफिक डीएसपी (Traffic DSP) के सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों द्वारा बीच सड़क पर बर्बरता से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है. पीड़ित ड्राइवर गौतम कुमार ने न केवल लाठी-डंडों से पीटने और जमीन पर गिराकर रौंदने का दावा किया है, बल्कि खाकी पर यह भी बेहद संगीन आरोप लगाया है कि पुलिसवालों ने ऑन-स्पॉट अपने खिलाफ बन रहे डिजिटल सबूतों को परमानेंट नष्ट करने के लिए उनका मोबाइल ही फॉर्मेट करवा दिया. इस घटना के बाद से डाक विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष है.
जाम के फेर में बढ़ा विवाद
डाक विभाग और पीड़ित चालक से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी अमानवीय घटना बीती 17 जून की शाम की है. वैन चालक गौतम कुमार डाक विभाग की विशेष एमएमएस (MMS) गाड़ी में पटना से भागलपुर के लिए बेहद संवेदनशील और जरूरी सरकारी सामग्री लेकर रवाना हुए थे. जैसे ही उनकी गाड़ी बेगूसराय के सिमरिया पुल को पार कर आगे बढ़ी, सामने गाड़ियों का भयंकर और लंबा जाम लगा हुआ था. सरकारी डाक को समय पर पहुंचाने की जल्दबाजी में गौतम ने अन्य स्थानीय गाड़ियों की तरह अपनी वैन को रॉन्ग साइड (गलत दिशा) से निकालने का प्रयास किया. इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रैफिक डीएसपी के काफिले ने उनकी गाड़ी को रोक दिया और रौब दिखाते हुए तुरंत बैक करने को कहा.
बीच सड़क पर बर्बरता का खेल
ड्राइवर गौतम कुमार का दावा है कि भारी जाम और डाक वैन का आकार बड़ा होने के कारण उन्होंने गाड़ी को पीछे करने में अपनी असमर्थता जताई थी. इसी बात पर साहब के सुरक्षाकर्मी इस कदर आगबबूला हो गए कि उन्होंने कानून को अपने हाथ में ले लिया. पीड़ित का आरोप है कि डीएसपी के बॉडीगार्ड्स ने उन्हें गाड़ी से खींचकर नीचे उतारा और लाठी-डंडों से अंधाधुंध पीटना शुरू कर दिया. बकौल गौतम, उन्हें सरेआम सड़क पर गिराकर जूतों से रौंदा गया, जिससे उनके शरीर और संवेदनशील अंगों पर काफी गंभीर चोटें आईं.
सबूत मिटाने का खौफनाक हथकंडा
इस पूरी बर्बरता के दौरान ड्राइवर गौतम ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर अपने मोबाइल से सुरक्षाकर्मियों की इस करतूत का एक लाइव वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे तुरंत डाक विभाग के एक व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दिया. जैसे ही पुलिसकर्मियों को वीडियो बनने की भनक लगी, उनके होश उड़ गए.
आरोप है कि जवानों ने तुरंत गौतम पर झपट्टा मारकर उनका स्मार्टफोन छीन लिया. साक्ष्यों को मिटाने के लिए पुलिसकर्मी उस मोबाइल को पास की ही एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर ले गए और दुकानदार पर कड़ा दबाव बनाकर पूरे फोन को जबरन रिसेट और फॉर्मेट (Format) करवा दिया ताकि पिटाई का वीडियो और अन्य तस्वीरें हमेशा के लिए डिलीट हो जाएं.
इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा होने के बाद पटना से लेकर बेगूसराय तक डाक विभाग के अधिकारियों और स्थानीय यूनियन के कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है. पीड़ित चालक ने जिला प्रशासन और वरीय पुलिस अधिकारियों से पूरे प्रकरण की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालकर निष्पक्ष जांच कराने और सबूत मिटाने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है. खाकी पर लगे इस बड़े दाग के बाद अब हर किसी की नजर पुलिस मुख्यालय के अगले कड़े कदम पर टिकी हुई है.
