(मंझौल से दानिश इकबाल की रिपोर्ट)
Begusarai News : बेगूसराय जिले के चेरिया बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत मंझौल पंचायत-2 स्थित सेंट जोसेफ चिल्ड्रेन अकादमी एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि विद्यालय को केवल आठवीं कक्षा तक की मान्यता प्राप्त है, लेकिन यहां नौवीं और दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई कराई जा रही है। इस मामले ने अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है तथा शिक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मान्यता आठवीं तक, चल रही 9वीं-10वीं की कक्षाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस विद्यालय को कथित तौर पर केवल कक्षा आठ तक की संबद्धता प्राप्त है, वहां खुलेआम नौवीं और दसवीं की पढ़ाई कराई जा रही है। यदि यह आरोप सही हैं तो यह न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ भी बड़ा जोखिम माना जा सकता है.
शिक्षा विभाग अनजान या फिर सब कुछ हो रहा नजरअंदाज?.
क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर आठवीं तक मान्यता रखने वाला विद्यालय उच्च कक्षाओं का संचालन किस अनुमति के तहत कर रहा है। लोगों का सवाल है कि क्या शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी नहीं है या शिकायतों के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। अभिभावकों को आशंका है कि कहीं प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा उनके बच्चों को न भुगतना पड़े.
बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावकों में बढ़ी चिंता
अभिभावकों का कहना है कि वे भरोसे के साथ अपने बच्चों को विद्यालय भेजते हैं। ऐसे में यदि मान्यता और संबद्धता से जुड़े नियमों का पालन नहीं हो रहा है, तो छात्रों की पढ़ाई और भविष्य दोनों प्रभावित हो सकते हैं। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है.
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों ने विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि स्कूल परिसर में कई जगह बिजली के बोर्ड क्षतिग्रस्त हैं और कुछ स्थानों पर तार खुले पड़े हैं। ऐसे हालात में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है तथा किसी भी समय दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है.
सीबीएसई दिशा-निर्देशों के पालन पर भी सवाल
लोगों का आरोप है कि विद्यालय में सीबीएसई के कई आवश्यक दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निगरानी और जवाबदेही की पूरी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा.
शिक्षा सुधार के दावों के बीच बड़ा सवाल
बिहार सरकार लगातार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित विद्यालयों का दावा करती रही है। लेकिन यदि मान्यता, सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोप सही साबित होते हैं, तो यह शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय होगा.
क्या बोले प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी?.
इस संबंध में पूछे जाने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अतहर हुसैन ने कहा कि उन्हें फिलहाल इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि अवकाश से लौटने के बाद मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई निजी विद्यालय आठवीं तक संचालन की अनुमति होने के बावजूद अन्य विद्यालयों से संबद्धता स्थापित कर छात्रों को दसवीं बोर्ड परीक्षा दिलाते हैं, जो नियमों के अनुरूप प्रतीत नहीं होता। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन से जवाब तलब कर विभाग को प्रतिवेदन भेजा जाएगा.
जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई
अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग की प्रस्तावित जांच पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो विद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है। वहीं अभिभावकों को उम्मीद है कि जांच के जरिए बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मिल सकेगा.
