(बेगूसराय से विकाश मिश्रा की रिपोर्ट)
Begusarai News : बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, जिला शाखा बेगूसराय की कार्यकारिणी समिति की बैठक कर्मचारी भवन स्थित महासंघ कार्यालय में जिला उपाध्यक्ष अनुराग कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं, संगठन की मजबूती और अधिकारों की रक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही कई महत्वपूर्ण मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकेत दिया गया.
संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने पर जोर
बैठक की शुरुआत जिला मंत्री मोहन मुरारी ने की. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की आवाज को मजबूत बनाने के लिए संगठन को प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक सशक्त करना जरूरी है. उन्होंने राष्ट्रीय, राज्यस्तरीय और स्थानीय स्तर की समस्याओं का जिक्र करते हुए कर्मचारियों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया.
पुरानी पेंशन बहाली और 8वें वेतन आयोग की मांग
मुख्य वक्ता अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं राज्य महासंघ के अध्यक्ष शशिकांत राय ने सरकार की कर्मचारी, मजदूर और किसान विरोधी नीतियों की आलोचना की. उन्होंने पुरानी पेंशन योजना की बहाली, पीएफआरडीए कानून समाप्त करने, संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवा नियमित करने, चारों श्रम संहिताएं वापस लेने और जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग को लागू करने की मांग उठाई. उन्होंने यह भी कहा कि आयोग लागू होने तक कर्मचारियों को 5 हजार रुपये अंतरिम राहत दी जानी चाहिए.
डीए भुगतान से निजीकरण तक कई मुद्दे उठे
बैठक में 18 माह के बकाया महंगाई भत्ते के भुगतान, नई शिक्षा नीति की समीक्षा, बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक और सार्वजनिक उपक्रमों की बिक्री बंद करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई. वक्ताओं ने कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन की जरूरत बताई.
जुलाई तक सम्मेलन और कार्यालयों का दौरा
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संगठन की टीम सभी प्रखंडों, अंचलों, चिकित्सा संस्थानों और सरकारी कार्यालयों का दौरा करेगी. साथ ही जुलाई तक महासंघ से संबद्ध संगठनों के प्रखंड, अनुमंडल और जिला सम्मेलन पूरे किए जाएंगे. कर्मचारियों की स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की गई.
सेवा संपुष्टि और समय पर भुगतान की उठी मांग
बैठक में योग्य कर्मियों की सेवा संपुष्टि, एसीपी-एमएसीपी का लाभ, समय पर वेतन और मानदेय भुगतान, चिकित्सा कर्मियों के लिए एफआरएएस आधारित उपस्थिति व्यवस्था समाप्त करने तथा सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी देयकों का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई. अंत में अध्यक्ष अनुराग कुमार ने सभी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक की समाप्ति की घोषणा की.
