Begusarai News: (विकाश मिश्रा की रिपोर्ट) मंगलवार देर रात बेगूसराय में आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले में भारी तबाही मचा दी. तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के पोल धराशायी हो गए और टिन-छप्पर उड़कर दूर जा गिरे. बुधवार सुबह जिले का नजारा किसी आपदा क्षेत्र जैसा दिखाई दिया.
बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित
तूफान का सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा है. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दर्जनों जगहों पर बिजली के तार टूट गए और कई पोल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरे जिले की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. कई इलाकों में लोग पूरी रात अंधेरे में रहने को मजबूर रहे.
बिजली विभाग ने सुरक्षा कारणों से सप्लाई बंद कर दी है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई सब-स्टेशनों में तकनीकी खराबी आई है और मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है. हालांकि भारी नुकसान के कारण बिजली बहाली में समय लग सकता है.
सड़क जाम, लोगों को भारी परेशानी
आंधी का असर यातायात व्यवस्था पर भी साफ देखने को मिला. बेगूसराय मुख्यालय, तेघड़ा अनुमंडल, मटिहानी और आसपास के कई इलाकों में विशाल पेड़ सड़क पर गिर पड़े, जिससे मुख्य सड़कें जाम हो गईं.
सुबह काम पर निकलने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई जगहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. प्रशासन और स्थानीय टीमों द्वारा पेड़ों को हटाकर रास्ता साफ करने का कार्य लगातार जारी है.
अयोध्या मिथिला गंगा घाट पर भारी नुकसान
तेघड़ा के प्रसिद्ध अयोध्या मिथिला गंगा घाट पर तूफान का सबसे दर्दनाक असर देखने को मिला. घाट किनारे स्थित होटल, चाय दुकानें और छोटी दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है. तेज हवाओं में कई दुकानों के टिन शेड और छप्पर उड़ गए. प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक दुकानदारों को 10 लाख रुपये से अधिक की क्षति हुई है. रातभर दुकानदार अपने सामान को बचाने में जुटे रहे.
सदर अस्पताल के सामने गिरा सोलर पोल
शहरी क्षेत्र भी इस तबाही से अछूता नहीं रहा. बेगूसराय सदर अस्पताल के सामने लगा भारी सोलर प्लेट पोल तेज हवा का दबाव नहीं झेल सका और क्षतिग्रस्त होकर गिर पड़ा. राहत की बात यह रही कि घटना देर रात हुई, नहीं तो दिन के समय बड़ा हादसा हो सकता था.
प्रशासन अलर्ट मोड में
तूफान के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. विभिन्न विभागों की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं. प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने सरकार से मुआवजा और राहत सहायता की मांग की है.
इसे भी पढ़ें: 961 करोड़ की लागत से किऊल-झाझा के बीच बनेगी तीसरी नई रेल लाइन, मोदी सरकार की बिहार को सौगात
