Begusarai News: देवपुरा में टीबी जागरूकता शिविर का उद्घाटन, 45 संदिग्ध मरीजों की हुई स्क्रीनिंग

नावकोठी प्रखंड के देवपुरा के हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ. 45 संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। लोगों को टीबी के लक्षण, जांच और इलाज की जानकारी दी गई.

Begusarai News: (एस.एम. बेग की रिपोर्ट) नावकोठी प्रखंड के हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर देवपुरा में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्घाटन मुखिया प्रभा देवी, एसटीएस सुजीत कुमार, एक्स-रे टेक्निशियन मनीष कुमार और एएनएम शारदा कुमारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया.

टीबी के लक्षणों और जोखिम के बारे में दी गई जानकारी

शिविर में लोगों को टीबी के लक्षणों के बारे में विस्तार से बताया गया. इनमें दो सप्ताह से अधिक खांसी, मुंह से खून आना, बुखार, थकान, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, रात में पसीना आना, गर्दन में गांठ और बांझपन जैसे लक्षण शामिल हैं. स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, मधुमेह रोगी, एचआईवी संक्रमित और लंबी बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति टीबी के अधिक जोखिम में रहते हैं।

इलाज और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन चौधरी ने बताया कि टीबी का इलाज छह माह तक चलता है और दवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं. उन्होंने कहा कि बलगम जांच जिला क्षय रोग उन्मूलन केंद्र बेगूसराय में निःशुल्क की जाती है. साथ ही मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज अवधि तक प्रति माह 1000 रुपये डीबीटी के माध्यम से दिए जाते हैं.

शिविर में विभिन्न स्वास्थ्य जांच की गई

शिविर में आयुष्मान कार्ड, टीबी जांच, बीपी, शुगर, एएनसी जांच, परिवार नियोजन परामर्श और एचपीवी टीकाकरण की सुविधा दी गई. शिविर के दौरान 45 टीबी संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग की गई. वहीं 10 लोगों का ब्लड शुगर, 40 का बीपी, 19 एएनसी जांच तथा 25 लोगों के बलगम नमूने जांच के लिए संग्रह किए गए. कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ता सहित कई स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे.

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Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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