Begusarai News: (एस.एम. बेग की रिपोर्ट) नावकोठी प्रखंड के हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर देवपुरा में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्घाटन मुखिया प्रभा देवी, एसटीएस सुजीत कुमार, एक्स-रे टेक्निशियन मनीष कुमार और एएनएम शारदा कुमारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया.
टीबी के लक्षणों और जोखिम के बारे में दी गई जानकारी
शिविर में लोगों को टीबी के लक्षणों के बारे में विस्तार से बताया गया. इनमें दो सप्ताह से अधिक खांसी, मुंह से खून आना, बुखार, थकान, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, रात में पसीना आना, गर्दन में गांठ और बांझपन जैसे लक्षण शामिल हैं. स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, मधुमेह रोगी, एचआईवी संक्रमित और लंबी बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति टीबी के अधिक जोखिम में रहते हैं।
इलाज और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन चौधरी ने बताया कि टीबी का इलाज छह माह तक चलता है और दवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं. उन्होंने कहा कि बलगम जांच जिला क्षय रोग उन्मूलन केंद्र बेगूसराय में निःशुल्क की जाती है. साथ ही मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज अवधि तक प्रति माह 1000 रुपये डीबीटी के माध्यम से दिए जाते हैं.
शिविर में विभिन्न स्वास्थ्य जांच की गई
शिविर में आयुष्मान कार्ड, टीबी जांच, बीपी, शुगर, एएनसी जांच, परिवार नियोजन परामर्श और एचपीवी टीकाकरण की सुविधा दी गई. शिविर के दौरान 45 टीबी संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग की गई. वहीं 10 लोगों का ब्लड शुगर, 40 का बीपी, 19 एएनसी जांच तथा 25 लोगों के बलगम नमूने जांच के लिए संग्रह किए गए. कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ता सहित कई स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे.
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