Begusarai News: (शशिरंजन कुमार की रिपोर्ट) बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सा कर्मियों की घोर लापरवाही के कारण एक महिला की प्रसव के दौरान हुई मौत का मामला गरमा गया है. इस घटना को लेकर भाकपा-माले के जिला सचिव दिवाकर प्रसाद ने सोमवार को डंडारी प्रखंड क्षेत्र के मोहनपुर गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने मृतका के बच्चों, परिजनों और ग्रामीणों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया. माले नेता ने इस घटना को बेहद दुखद और चिंताजनक बताते हुए दोषी चिकित्साकर्मियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को जिला प्रशासन की ओर से 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है.
समय पर न रेफर किया और न मिली एम्बुलेंस
मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार के सदस्यों ने बताया कि बीती 26 मई को नीतीश सदा की पत्नी प्रीति देवी को प्रसव कराने के लिए तेतरी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था. प्रसव के दौरान ही प्रीति देवी की स्थिति अचानक बिगड़ने लगी. परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद चिकित्साकर्मियों द्वारा सही समय पर मरीज को रेफर नहीं किया गया. जब स्थिति बेहद नाजुक हो गई और रेफर किया भी गया, तो समय पर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई. इस दोहरी लापरवाही और समय पर इलाज न मिलने के कारण प्रसव पीड़िता ने दम तोड़ दिया.
स्वास्थ्य केंद्र में भ्रष्टाचार का आरोप
घटना को लेकर पीड़ित परिवार के सदस्यों और ग्रामीण सकलदेव सदा, जानकी देवी, फूलो देवी, निशा देवी, सालो देवी, आमला देवी आदि ने स्थानीय चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों ने इलाज में घोर लापरवाही बरतने के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्र में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार व्याप्त होने का भी सीधा आरोप लगाया है.
मांग पूरी नहीं होने पर भाकपा-माले करेगी जोरदार आंदोलन
पीड़ितों से मिलने पहुंचे माले जिला सचिव दिवाकर प्रसाद ने बिहार सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक ओर सूबे की सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े सुधार के दावे करती है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में आज भी जमीनी हकीकत इसके उलट है और समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं का घोर अभाव बना हुआ है. उन्होंने प्रीति देवी की मौत के मामले की उच्चस्तरीय प्रशासनिक जांच कराने, दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने और स्वास्थ्य केंद्र पर समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी. इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी वकालत की. उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि हमारी इन मांगों को अनसुना किया गया, तो भाकपा-माले कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर जोरदार आंदोलन करने को विवश होंगे. इस मौके पर उनके साथ संजय ठाकुर समेत कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे.
