Begusarai News (बेगूसराय से विकाश मिश्रा की रिपोर्ट): बेगूसराय जिले के बीहट स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट उपलब्धि से पूरे बिहार का मान बढ़ाया है. ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग 2025-26’ में विद्यालय ने 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर फाइव स्टार रेटिंग हासिल की है. इतना ही नहीं, शहरी श्रेणी में इस विद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त कर देश के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है. इस बड़ी सफलता से जिले और शिक्षा विभाग में हर्ष का माहौल है.
11 लाख से अधिक विद्यालयों के बीच कड़ा मुकाबला
देशव्यापी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में जुलाई 2025 से 11,81,086 विद्यालय शामिल हुए थे. इनमें से 11,54,898 विद्यालयों ने पंजीकरण कराया तथा 10,47,859 विद्यालयों ने स्वमूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर एसएचभीआर (SHVR) पोर्टल पर अपनी दावेदारी प्रस्तुत की थी. इसके बाद राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा फाइव स्टार रेटिंग प्राप्त लगभग 550 विद्यालयों को राष्ट्रीय मूल्यांकन के लिए नामित किया गया. कई चरणों की स्क्रीनिंग, दस्तावेज़ सत्यापन और भौतिक निरीक्षण की कठोर प्रक्रिया के उपरांत शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने देशभर के केवल 191 उत्कृष्ट विद्यालयों की अंतिम सूची जारी की, जिसमें बीहट के विद्यालय ने चौथा स्थान प्राप्त किया.
बिहार के चयनित तीन स्कूलों में बीहट सबसे आगे
शहरी श्रेणी–1 में बिहार से चयनित तीन विद्यालयों में राजकीयकृत मध्य विद्यालय, बीहट ने सबसे अधिक 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. यह उपलब्धि विद्यालय में विकसित स्वच्छ, सुरक्षित, समावेशी, पर्यावरण-अनुकूल और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है. यह विद्यालय पिछले कई वर्षों से शैक्षिक गुणवत्ता, अकादमिक उपलब्धियों, खेल-कूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, स्वच्छता अभियान और सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करता रहा है.
प्रधानाध्यापक ने सफलता को संयुक्त प्रयासों का प्रतिफल बताया
विद्यालय के प्रधानाध्यापक रंजन कुमार ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल विद्यालय का नहीं, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यालय शिक्षा समिति, स्थानीय समुदाय और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है. उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखकर अकादमिक गतिविधियों के साथ स्वच्छता, हरित परिसर, नवाचार आधारित शिक्षण, खेल-कूद, कला-संस्कृति और नेतृत्व विकास को विद्यालय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है. विद्यालय को पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षा से आगे बढ़ाकर बच्चों को बेहतर नागरिक बनने का मंच देने का यह सतत प्रयास अब राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत हुआ है.
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