बरौनी में ग्रीष्मकालीन रंग-उमंग कार्यशाला का शुभारंभ, 65 बच्चों को मिलेगा कला और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण

Begusarai News: बेगूसराय के बरौनी स्थित असुरारी स्कूल परिसर में आकाश गंगा रंग चौपाल एसोसिएशन द्वारा आयोजित शंभू साह स्मृति ग्रीष्मकालीन रंग-उमंग कार्यशाला का शुभारंभ किया गया. 11 गांवों से आए 65 बच्चों को 17 जून तक नाटक, संगीत, नृत्य, ललित कला और व्यक्तित्व विकास का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.

Begusarai News (विकास मिश्रा): बेगूसराय जिले के बरौनी प्रखंड के असुरारी स्कूल के प्रांगण में ग्रीष्मकालीन रंग-उमंग कार्यशाला का शुभारंभ राजकीयकृत मध्य विद्यालय असुरारी में किया गया. इस अवसर पर अलग-अलग 11 गांवों के टोले-मोहल्ले और विभिन्न विद्यालयों से आए 65 बच्चों ने सामूहिक रूप से ओम के पवित्र उच्चारण के साथ अपने कार्यशाला की विधिवत शुरुआत की. इस विशेष अवसर पर सभी नवागंतुक बच्चों के पदचिह्न लाल रंगों में उजले कपड़े पर लिए गए.

अतिथियों ने किया दीप प्रज्वलन

इस कार्यशाला का उद्घाटन नगर परिषद बीहट की मुख्य पार्षद बबीता कुमारी, बेगूसराय जिला कला संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी, बीडीओ अनुरंजन कुमार, प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह और वार्ड पार्षद अशोक कुमार के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया. मौके पर श्याम कुमार सहनी ने कहा कि रंग-उमंग कार्यशाला के बहाने बच्चों में सांस्कृतिक चेतना का प्रसार होगा और ये बच्चे इसी बहाने कुशल व्यक्तित्व के धनी बन पाएंगे.

संस्था के प्रयासों की सराहना

उन्होंने आकाश गंगा रंग चौपाल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि इन कार्यशालाओं से बच्चों को अपना सुंदर जीवन जीने का मौका मिलेगा. उन्होंने कहा कि आकाश गंगा आज की तिथि में सबसे जीवंत संस्था के रूप में जनउपयोगी कार्य कर रही है. बीडीओ अनुरंजन कुमार ने कहा कि आज आधुनिकता के दौर में गांवपन खत्म हो रहा है. ऐसे दौर में यह कार्यशाला गांव में आयोजित हो रहा है, जिससे गांव की मूल संस्कृति सबल हो पाएगी.

बच्चों में होगा व्यक्तित्व निर्माण

मुख्य पार्षद बबीता देवी ने कहा कि नगर परिषद बीहट क्षेत्र में यह ऐतिहासिक आयोजन यहां के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा. एक कुशल अध्यापक या प्रशिक्षक हमेशा एक स्वस्थ छात्र को तैयार कर सकते हैं, जो भविष्य में राष्ट्र को सबल और सशक्त बना सकते हैं. एसोसिएशन के सचिव गणेश गौरव ने वर्कशाप के सम्बन्ध में कहा कि इसमें पूरी तन्मयता के साथ बच्चे सीखें और अपने व्यक्तित्व में बड़ा बदलाव लाएं.

बेहतर करियर बनाने का अवसर

कार्यशाला का कुशल संचालन करते हुए अध्यक्ष डॉ कुन्दन कुमार ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य केवल बच्चों की मस्ती और कलाकारी सिखाना ही नहीं है. बल्कि हम रंगमंच के बहाने पिछले 18 वर्षों से बच्चों के जीवन में एक बेहतर करियर बनाने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रहे हैं. बच्चे अपने आप को इस कला क्षेत्र में भी आगे बढ़ाकर अपनी राह बना सकते हैं. इस अवसर पर कलाकारों द्वारा बाल गीतों की बेहतरीन प्रस्तुति भी की गयी.

सिमरिया का कराया जाएगा भ्रमण

इस मौके पर शिक्षक कृष्णनंदन कुमार, गौरी कुमारी, सुनील कुमार, मिथिलेश कुमार, संतोष कुमार, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस मुंबई से आई उन्मेषा, रुही, श्रृष्टि, श्रेजल, वैष्णवी, युवकृष ओवराय सहित अन्य लोग उपस्थित थे. विदित हो कि यह महत्वपूर्ण कार्यशाला आगामी 17 जून तक आयोजित है. कार्यशाला संयोजक बच्चों को नाटक, संगीत, नृत्य, ललित कला और व्यक्तित्व विकास पर विशेष प्रशिक्षण देंगे. वहीं बच्चों को एक दिन के लिए राष्ट्रकवि दिनकर की जन्म भूमि सिमरिया का भी भ्रमण कराया जाएगा.

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Published by: Vikas Jha

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