Begusarai News : (विकाश मिश्रा) पैक्स चुनाव से ठीक पहले बेगूसराय के साहेबपुरकमाल प्रखंड से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. पंचवीर पैक्स की मतदाता सूची में एक जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
मतदान से पहले वोटर लिस्ट देखकर उड़ गए होश
प्रखंड क्षेत्र में 3 जून को पैक्स चुनाव के लिए मतदान होना है. चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद पंचवीर निवासी राजीव कुमार शर्मा ने मतदाता सूची का अवलोकन किया. सूची में अपने नाम के सामने “मृत” दर्ज देखकर वह हैरान रह गए, जबकि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और पिछले सभी चुनावों में मतदान करते रहे हैं.
जिंदा होते हुए भी कागजों में कर दिया मृत घोषित
राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि वह इस बार भी मतदान की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान जब उन्होंने मतदाता सूची देखी तो पता चला कि उन्हें मृत दिखाया गया है. इस गलती ने उन्हें न केवल चौंका दिया, बल्कि उनके संवैधानिक मतदान अधिकार पर भी संकट खड़ा कर दिया.
अधिकारियों को भेजी शिकायत, मांगा तत्काल सुधार
मामले की जानकारी मिलते ही राजीव कुमार शर्मा ने प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी सह बीडीओ रवि सिन्हा से संपर्क करने का प्रयास किया. सीधे संपर्क नहीं हो पाने पर उन्होंने ई-मेल के माध्यम से उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजकर मतदाता सूची में सुधार की मांग की.
यह सिर्फ गलती नहीं, मतदान अधिकार का सवाल
पीड़ित मतदाता का कहना है कि यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं है, बल्कि एक नागरिक के संवैधानिक अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला है. उन्होंने कहा कि ऐसी गलतियां चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं.
ग्रामीणों में नाराजगी बना चर्चा का विषय
मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि मतदाता सूची में इस तरह की गंभीर त्रुटियां मौजूद हैं तो अन्य पात्र मतदाताओं के अधिकार भी प्रभावित हो सकते हैं. घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है.
बीडीओ बोले- मानवीय त्रुटि होगी जांच
प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी सह बीडीओ रवि सिन्हा ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह मानवीय त्रुटि प्रतीत होती है. पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
मतदान से नहीं होंगे वंचित, प्रशासन ने दिया भरोसा
बीडीओ ने स्पष्ट किया कि संबंधित मतदाता को घबराने की जरूरत नहीं है. मतदान केंद्र पर पहचान और आवश्यक सत्यापन के बाद उन्हें मतदान का पूरा अधिकार दिया जाएगा. प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि उनका मताधिकार प्रभावित न हो.
मतदाता सूची की शुद्धता पर खड़े हुए बड़े सवाल
चुनाव से ठीक पहले सामने आई इस घटना ने मतदाता सूची के अद्यतन और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं. अब लोगों की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.
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