Bal Vigyan Congress: जयमंगला प्लस टू हाई स्कूल, मंझौल में अनुमंडल स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन मंझौल एसडीएम अमित कुमार सिंह, प्रो. संजय कुमार और जिला समन्वयक हर्षवर्धन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम में मंझौल और बखरी अनुमंडल के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे बाल वैज्ञानिकों ने अपनी वैज्ञानिक परियोजनाओं का प्रदर्शन किया.
मंझौल अनुमंडल के 27 विद्यालयों से कुल 55 परियोजनाएं प्रस्तुत की गयीं, जबकि बखरी अनुमंडल के 25 विद्यालयों के बाल वैज्ञानिकों ने 53 परियोजनाएं प्रस्तुत कीं. मूल्यांकन के बाद दोनों अनुमंडलों से 10-10 परियोजनाओं का चयन किया गया.
एसडीएम ने किया परियोजनाओं का निरीक्षण
एसडीएम अमित कुमार सिंह ने फीता काटकर परियोजनाओं के मूल्यांकन कार्य की शुरुआत करायी. उन्होंने बाल वैज्ञानिकों की ओर से प्रस्तुत विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण किया और बच्चों से उनके मॉडल एवं शोध से संबंधित सवाल पूछे. साथ ही परियोजनाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए.
अपने संबोधन में एसडीएम ने कहा कि दुनिया के विभिन्न देश शोध और अनुसंधान के बल पर आगे बढ़ रहे हैं. ऐसे में जरूरी है कि हमारे बच्चे भी शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में बेहतर काम करें. बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है.
उन्होंने बच्चों से कहा कि यह उनके प्राथमिक स्तर का शोध है. इसे आगे के चरणों तक ले जाने और आविष्कार की दुनिया में आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए. एसडीएम ने बाल वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र, जिला, राज्य और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया.
मिथिला परंपरा के अनुसार अतिथियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक इंद्रमणि झा ने उद्घाटनकर्ता एवं मुख्य अतिथि एसडीएम अमित कुमार सिंह को मिथिला संस्कृति और परंपरा के अनुसार चादर, पाग और पौधा देकर सम्मानित किया. मूल्यांकनकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया.
स्वागत भाषण शिक्षक कृष्ण कुमार ने दिया. कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई. स्कूल की संगीत शिक्षिका एवं शिक्षक ने स्वागत गान प्रस्तुत किया.
इन विषयों पर तैयार की गयीं परियोजनाएं
साइंस फॉर सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने कहा कि बेगूसराय के लिए यह उपलब्धि है कि चौथी बार राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन जिले में होने जा रहा है.
उन्होंने बताया कि 32वीं राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय 'निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार' है. इसी के पांच उप विषयों पर मंझौल और बखरी अनुमंडल से दर्जनों परियोजनाएं तैयार की गयीं.
बाल वैज्ञानिकों ने वर्षा जल संचयन, ऊर्जा, जल संरक्षण, भोजन एवं जैविक कृषि, सोलर प्लेट से गांव में ऊर्जा उत्पादन, पारंपरिक जड़ी-बूटियों के उपयोग, जल प्रबंधन, पॉलीथीन कचरे से पेट्रोल निर्माण, केंचुओं से वर्मी कंपोस्ट निर्माण, प्लास्टिक कचरे के पुन: उपयोग से टाइल्स बनाने समेत कई विषयों पर परियोजनाएं प्रस्तुत कीं.
इसके अलावा आसपास के क्षेत्र में ऊर्जा संसाधनों की पहचान एवं अध्ययन, दीपावली को प्रकृति के साथ तालमेल बैठाने वाले पर्व के रूप में देखने और ऊर्जा दोहन से संरक्षण तक जैसे विषयों पर भी बच्चों ने अपने मॉडल और शोध प्रस्तुत किये.
निर्णायक मंडल ने किया परियोजनाओं का मूल्यांकन
शैक्षिक समन्वयक प्रो. संजय कुमार के नेतृत्व में निर्णायक मंडल ने परियोजनाओं का मूल्यांकन किया. निर्णायक मंडल में आरती मंडल, चुनचुन सिंह, गणपति कुमार और बबीता कुमारी शामिल रहीं.
कार्यक्रम का मॉनिटरिंग जिला समन्वयक हर्षवर्धन कुमार ने किया, जबकि शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी जिला शैक्षिक समन्वयक प्रो. संजय कुमार कर रहे थे.
शिक्षकों और समन्वयकों ने निभायी महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में मंझौल के अनुमंडल कोऑर्डिनेटर सुमित कुमार, बखरी के शैक्षिक कोऑर्डिनेटर रजनीश पल्वव, प्रखंड समन्वयक अभय कुमार सिंह, जयमंगला हाई स्कूल की विज्ञान शिक्षिका संध्या कुमारी सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहयोग किया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक इंद्रमणि झा ने की. मौके पर मंझौल और बखरी अनुमंडल के विभिन्न विद्यालयों से आये बाल वैज्ञानिक, मार्गदर्शक शिक्षक और जयमंगला हाई स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे.
