बेगूसराय में शाम्हो थाना क्षेत्र के अकहा कुरहा गांव में बाढ़ के पानी में बहने से लापता हुए 64 वर्षीय हरिचरण पासवान का शव बुधवार को बरामद किया गया. हादसे के बाद गुरुवार को प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मृतक के आश्रित को आपदा राहत के तहत चार लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि का चेक सौंपा. शव मिलने के बाद गांव में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
घास काटने निकले थे, तेज धार में बह गए
जानकारी के अनुसार, अकहा कुरहा निवासी हरिचरण पासवान मंगलवार को घास काटने के लिए घर से निकले थे. इसी दौरान बाढ़ के पानी की तेज धार की चपेट में आने से वह बह गये. घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका.
तलाशी अभियान में मिला शव
लापता होने के बाद बुधवार को इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया. इसी दौरान हरिचरण पासवान का शव बरामद किया गया. शव मिलने की सूचना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया. ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के पानी की तेज धार लगातार जानलेवा बनी हुई है.
सीओ ने घर पहुंचकर दी सांत्वना
घटना की जानकारी मिलने के बाद अंचल प्रशासन ने राहत कार्य में तत्परता दिखाई. अंचलाधिकारी रजनीश कुमार स्वयं मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया. इसके बाद गुरुवार को आपदा राहत प्रावधान के तहत मृतक के आश्रित को चार लाख रुपये का चेक सौंपा गया.
प्रशासन ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिया
सीओ रजनीश कुमार ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन की ओर से नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जाएगी. वहीं, ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.
बाढ़ में ग्रामीणों की सुरक्षा बनी चुनौती
हरिचरण पासवान की मौत ने बाढ़ के दौरान ग्रामीण इलाकों में बढ़ते खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है. खेत, बहियार और घास काटने जैसे कामों के लिए पानी के बीच जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बनी हुई है. परिजनों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही को लेकर प्रशासन को और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है.
