Begusarai Flood Relief : बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव की अध्यक्षता में आज बेगूसराय समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन द्वारा की गई पूर्व तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई.
बैठक में जिला पदाधिकारी रिची पांडेय, विधायक तेघड़ा रजनीश कुमार, बछवाड़ा विधायक सुरेंद्र मेहता, महापौर नगर निगम पिंकी देवी, अपर समाहर्ता बृज किशोर चौधरी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
बाढ़ पीड़ितों तक त्वरित सहायता पहुंचाने और राहत कार्यों में तेजी के निर्देश
बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति एवं प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जाए तथा प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता त्वरित रूप से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए.
उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
जिले के 8 अंचलों के 37 पंचायत और 3.80 लाख आबादी प्रभावित
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के 8 अंचलों बेगूसराय सदर, बछवाड़ा, साहेबपुर कमाल, बलिया, तेघड़ा, मटिहानी, बरौनी एवं शाम्हो अकहा कुरहा के अंतर्गत 37 ग्राम पंचायतें तथा 2 नगर निकाय बाढ़ से प्रभावित हैं. वर्तमान में 189 गांवों एवं 325 वार्डों की कुल 3,80,980 आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है.
85 सामुदायिक रसोई संचालित, फूड पैकेट व एयरड्रॉपिंग की तैयारी
प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं भोजन की व्यवस्था के लिए 85 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं. इनमें बलिया में 30, बछवाड़ा में 17, मटिहानी में 11, तेघड़ा में 9, बेगूसराय सदर में 6, साहेबपुर कमाल में 6 एवं बरौनी में 6 सामुदायिक रसोई शामिल हैं. जिले में कुल 228 सामुदायिक रसोई केंद्र तथा 80 राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं.
आवश्यकता पड़ने पर ड्राई राशन एवं फूड पैकेट तैयार करने के लिए अनुमंडलवार 26 स्थलों पर टीमें गठित की गई हैं. आपात स्थिति में एयरड्रॉपिंग की आवश्यकता को देखते हुए 18 हेलीपैड स्थल भी चिन्हित किए गए हैं.
जिला प्रशासन 24×7 एक्टिव मोड में, नियंत्रण कक्ष सक्रिय
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने जिले में बाढ़ की स्थिति एवं राहत-बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि जिला, अनुमंडल एवं अंचल स्तर पर आपातकालीन नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय हैं.
प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव संसाधनों की तैनाती की जा रही है.
