Begusarai News : केंद्रीय रेशम बोर्ड के क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र, बेगूसराय में एरी रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय मूगा एरी अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, लाहदोईगढ़ (असम) की ओर से किया गया. संगोष्ठी में किसानों को एरी रेशम उत्पादन की नवीन तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई.
एरी रेशम उत्पादन को बताया ग्रामीण आजीविका का सशक्त माध्यम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं संस्थान के निदेशक डॉ. कार्तिक नियोग ने कहा कि एरी रेशम उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है. उन्होंने किसानों को उन्नत तकनीक, गुणवत्तायुक्त बीज तथा वैज्ञानिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि रेशम उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाया जा सके.
वैज्ञानिकों ने कीट पालन से लेकर मूल्य संवर्धन तक दी जानकारी
संगोष्ठी के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को एरी कीट पालन, पोषक पौधों की खेती, रोग प्रबंधन तथा मूल्य संवर्धन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी. साथ ही किसानों की समस्याओं को सुनकर उनके व्यावहारिक समाधान भी बताए गए.
बीजपालकों को वितरित किए गए बीजगार उपकरण
कार्यक्रम के समापन पर सिल्क समग्र-2 योजना के तहत बीजपालकों के बीच बीजगार उपकरणों का वितरण किया गया. इस दौरान बेगूसराय और आसपास के क्षेत्रों में एरी रेशम उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया.
कई विशेषज्ञ और वैज्ञानिक रहे मौजूद
संगोष्ठी में रेशम निदेशालय, बिहार के मुजफ्फरपुर डिवीजन से राजेश कुमार और महेश राम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. वहीं, क्षेत्रीय विस्तार केंद्र फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) के वैज्ञानिक डॉ. डी.के. जिज्ञासु तथा क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र, बेगूसराय की वैज्ञानिक डॉ. लोपामुद्रा गुहा ने भी किसानों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी देकर जागरूक किया.
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