Nigrani Raid : बेगूसराय जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर अंचल कार्यालय में तैनात क्लर्क सोनू कुमार को चार हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई शुक्रवार को की गई, जिसके बाद अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. आरोपी क्लर्क मुआवजा राशि जारी करने के नाम पर पीड़ित परिवार से घूस की मांग कर रहा था.
मुआवजा दिलाने के नाम पर मांगी थी रिश्वत
मामला सदर प्रखंड के चांदपुरा गांव से जुड़ा है, जहां दौलती देवी की पुत्री रानी कुमारी की पानी में डूबने से मौत हो गई थी. सरकार की ओर से मृतका के परिजनों को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि मिलनी थी. आरोप है कि इसी फाइल को आगे बढ़ाने और भुगतान जारी कराने के लिए क्लर्क सोनू कुमार ने पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी.
शिकायत के बाद हरकत में आया निगरानी विभाग
पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत निगरानी विभाग से की. शिकायत मिलने के बाद 30 जुलाई को टीम ने मामले का सत्यापन किया. जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई. इसके बाद निगरानी विभाग ने एफआईआर दर्ज कर विशेष टीम का गठन किया और आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई.
जाल बिछाकर रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
शुक्रवार को निगरानी टीम ने पूरी तैयारी के साथ जाल बिछाया. जैसे ही क्लर्क सोनू कुमार ने चार हजार रुपये रिश्वत के रूप में लिए, टीम ने उसे उसके कार्यालय कक्ष से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई से अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया और अन्य कर्मचारियों में भी खलबली देखी गई.
डीएसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी
निगरानी डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद ने बताया कि शिकायत की पुष्टि के बाद कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि आरोपी ने मुआवजा राशि की फाइल आगे बढ़ाने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की थी. सत्यापन के बाद मामला दर्ज कर टीम गठित की गई और आज उसे चार हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है.
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अपने साथ लेकर निगरानी टीम आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके.
