बेगूसराय में भामाशाह सेतु और सिमरिया गोलंबर पर मूर्ति की मांग तेज, नहीं मानी बात तो आंदोलन की चेतावनी

बेगूसराय के व्यवसायियों और जन प्रतिनिधियों ने भामाशाह सेतु के नामकरण और सिमरिया गोलंबर पर राष्ट्रनायक भामाशाह की मूर्ति की स्थापना की मांग को लेकर बैठक की. मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है.

भामाशाह नगर के मारवाड़ी मुहल्ला में गौशाला समिति के सचिव विनोद हिसारिया के आवास पर बेगूसराय के बहुजनों एवं व्यवसायियों की बैठक हुई. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खाद्यान्न व्यवसायी संघ के बिहार प्रदेश के अध्यक्ष एवं विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया थे.

मंच पर विनोद हिसारिया, आलोक अग्रवाल, भामाशाह विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष नरेश साव एवं उपाध्यक्ष प्रेम शंकर जी उपस्थित थे. मंच का संचालन बेगूसराय खाद्यान्न व्यवसायी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार राजा कर रहे थे.

सांसद, विधायकों और एमएलसी के अनुशंसा पत्र प्रस्तुत

सचेतक संजीव चौरसिया के समक्ष बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह के द्वारा भामाशाह जी की प्रतिमा को सिमरिया गोलंबर पर स्थापित करने की अनुशंसा पत्र को रखा गया.

पुनः बेगूसराय के सात में से चार विधायकों एवं एक एमएलसी के द्वारा “भामाशाह सेतु” एवं सिमरिया गोलंबर पर भामाशाह की भव्य आदमकद मूर्ति लगाकर “गेटवे ऑफ़ नार्थ ईस्ट” के रूप में विकसित करने वाली अनुशंसा पत्र को भी सचेतक जी के सामने रखा गया. बेगूसराय का जनमत एवं जन भावना राष्ट्रनायक दानवीर भामाशाह के पक्ष में है और इसमें किसी का विरोध भी नहीं है.

मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी

बहुजन प्रतिनिधियों एवं व्यवसायियों ने एकमत होकर मंच से मांग किया कि उक्त भामाशाह सेतु का नामकरण की घोषणा जल्द हो और सिमरिया गोलंबर पर हमारे राष्ट्रनायक भामाशाह की मूर्ति की स्थापना जल्द हो, नहीं तो पूरे जिले में आंदोलन चलाया जाएगा.

जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल सचेतक के साथ पटना जाकर मुख्यमंत्री जी से भी मिलकर अपनी बात रखेगा. सभा में प्रमुख लोगों में रणजीत दास, रमेश कुमार साहू, राकेश कुमार, पप्पू चौरसिया, संजय दिवाकर, संजय कुमार नीलू, श्याम बाबा, राम प्रताप साहू, प्रदीप गुप्ता, शशिकांत दास, बूटन साह, डॉ. राजेश कुमार आदि थे.

माल्यार्पण और मिथिला संस्कृति के अनुसार स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत भामाशाह नगर स्थित भामाशाह चौक पर राष्ट्रभक्त भामाशाह जी की मूर्ति पर माल्यार्पण से शुरू हुई, जो बाद में एक रैली की शक्ल में पैदल मार्च करते हुए “भामाशाह अमर रहे” के गगनभेदी नारे के साथ कार्यक्रम स्थल तक पहुंचा.

मंच पर सभी अतिथियों का स्वागत अपनी मिथिला संस्कृति के अनुसार अंगवस्त्र पहनाकर एवं पाग पहनाकर किया गया.

सचेतक संजीव चौरसिया का आश्वासन

अपने संबोधन में सचेतक संजीव चौरसिया ने कहा कि व्यवसायियों एवं बेगूसराय वासियों की इस मांग को वे माननीय मुख्यमंत्री जी के समक्ष प्रमुखता से रखेंगे और बेगूसराय के जनमत एवं जनभावना का सम्मान हर हालत में किया ही जाएगा.

Also Read : कांवर पर लालटेन, आरजेडी का झंडा और तिरंगा... गया जी का ये कांवरिया क्यों बना चर्चा का विषय ?

बेगूसराय वासियों की दोनों मांगों “भामाशाह सेतु सह सिमरिया गोलंबर पर भामाशाह की मूर्ति” के लिए वे जनभावना के सम्मान में नतमस्तक हुए और उन्होंने इसे हर हाल में पूरा करने का आश्वासन दिया.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ajit Begusarai

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >