Begusarai Flood : बीते दिनों बेगूसराय के बलिया प्रखंड के दियारा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने जनजीवन के साथ-साथ सड़क व्यवस्था को भी बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है. करीब एक महीने तक बाढ़ के पानी में डूबी रहने के कारण दियारा क्षेत्र को प्रखंड मुख्यालय और आसपास के अन्य गांवों से जोड़ने वाली लगभग सभी प्रमुख सड़कों को किसी न किसी रूप में भारी क्षति पहुंची है. अब जैसे-जैसे नदियों के जलस्तर में कमी आ रही है, वैसे-वैसे क्षतिग्रस्त सड़कों की बदहाल तस्वीरें धीरे-धीरे सामने आने लगी हैं.
चेचियाही ढाब में शुक्रवार को भी सड़क पर करीब तीन फीट से अधिक बाढ़ का पानी जमा रहने के कारण इस मुख्य मार्ग पर लोगों का आवागमन केवल नाव के सहारे ही हो रहा है. यह सड़क मीरअलीपुर, मसुदनपुर, शाहपुर, शिवनगर और भवानंदपुर समेत कई बड़े गांवों के लोगों के आवागमन का मुख्य जरिया है. सड़क पर अभी भी पानी जमा रहने से ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय और अपने जरूरी कार्यों को पूरा करने के लिए विवश होकर नाव का सहारा लेना पड़ रहा है.
शादीपुर और गोखलेनगर के बीच 30 फीट सड़क बही
इधर, ताजपुर पंचायत के गोखलेनगर विष्णुपुर, ताजपुर और सहबेकपुर सहित कई गांवों को आपस में जोड़ने वाली मिर्जापुर-ताजपुर पथ की स्थिति भी बाढ़ के कारण बेहद खराब हो गई है. कई स्थानों पर सड़क के धंसने और टूटने के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. स्थिति यह है कि शादीपुर और गोखलेनगर विष्णुपुर के बीच लगभग 30 फीट लंबी सड़क बाढ़ के तेज बहाव में पूरी तरह बह गई है.
इसके कारण इस मार्ग पर छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन पूरी तरह से ठप हो गया है. शुक्रवार तक भी सड़क के कटे हुए हिस्से में पानी का बहाव लगातार जारी था. पानी के तेज बहाव के कारण कटे हुए इस हिस्से से पैदल आवागमन करना भी ग्रामीणों के लिए काफी जोखिम भरा साबित हो रहा है.
मुखिया ने ग्रामीण कार्य विभाग से की मरम्मत की मांग
ताजपुर पंचायत के मुखिया शिवनंदन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में अब धीरे-धीरे कमी आ रही है. पानी घटने के साथ ही बाढ़ से सड़कों को पहुँची क्षति की वास्तविक और भयावह तस्वीर सामने आ रही है.
उन्होंने बताया कि शादीपुर गांव से गोखलेनगर विष्णुपुर के बीच सड़क का बड़ा हिस्सा बह जाने के कारण स्थानीय लोगों का संपर्क कट गया है और आवागमन पूरी तरह ठप है. मुखिया ने ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि वे जल्द से जल्द इन क्षतिग्रस्त सड़कों का स्थल निरीक्षण कराएं और त्वरित मरम्मती करवाकर इन्हें दोबारा आवागमन के योग्य बनाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके.
