Begusarai News : बखरी नगर परिषद के सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब पूरे नगर क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है. गुरुवार से जारी हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्लों तक कचरे का अंबार लग गया है, जिससे लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं सफाईकर्मी अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर नगर परिषद कार्यालय के समक्ष धरने पर डटे हुए हैं.
कम मानदेय और पीएफ लाभ नहीं मिलने का आरोप
धरने पर बैठे सफाईकर्मियों का कहना है कि वे वर्षों से मात्र छह से सात हजार रुपये मासिक मानदेय पर काम कर रहे हैं. उनका आरोप है कि वेतन से भविष्य निधि (पीएफ) की राशि काटी जाती है, लेकिन आज तक उसका लाभ नहीं मिला. कर्मचारियों का कहना है कि इतनी कम आय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है.
तीन प्रमुख मांगों पर अड़े कर्मचारी
सफाईकर्मियों ने मांग की है कि उन्हें जिले में निर्धारित 524 रुपये दैनिक मजदूरी के अनुरूप भुगतान किया जाए. सभी कर्मियों को स्थायी किया जाए ताकि ठेकेदारों द्वारा मनमाने ढंग से हटाए जाने की आशंका समाप्त हो. साथ ही सफाई कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जाए.
पूर्व विधायक ने किया समर्थन
धरना स्थल पर पहुंचे बखरी के पूर्व विधायक सूर्यकांत पासवान ने सफाईकर्मियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मजदूरों और दलितों की उपेक्षा कर रही है. उन्होंने कहा कि जब तक तीनों मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे आंदोलन के साथ खड़े रहेंगे. सफाई कर्मचारी नेता पंकज ठाकुर ने कहा कि यह आंदोलन सम्मानजनक मजदूरी, स्थायी रोजगार और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक हड़ताल जारी रहेगी.
शहरवासियों की बढ़ी परेशानी
हड़ताल के कारण नगर परिषद क्षेत्र के वार्डों में नियमित कचरा उठाव बंद हो गया है. जगह-जगह कचरे के ढेर लगने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और नगर परिषद से जल्द वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने तथा सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है.
