(बेगूसराय,साहेबपुरकमाल से अजय कुमार की रिपोर्ट)
Begusarai News : संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती शताब्दी समारोह के अवसर पर पटना में आयोजित होने वाले भव्य संत सम्मेलन में भाग लेने के लिए बेगूसराय के साहेबपुरकमाल से अखिल भारतीय रविदास महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल रवाना हुआ. समाज के लोगों में सम्मेलन को लेकर खासा उत्साह देखा गया.
हरी झंडी दिखाकर जत्थे को किया गया रवाना
31 मई 2026 को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित संत सम्मेलन में शामिल होने के लिए रविदास समाज के लोगों का जत्था साहेबपुरकमाल से रवाना हुआ. महासंघ के उपाध्यक्ष नागो दास एवं रविदास एकता मंच के उपाध्यक्ष नन्ददेव कुमार ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर प्रतिनिधिमंडल को विदा किया.
समाज के बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
जागो चमार रविदासिया धर्म संगठन द्वारा आयोजित इस महा सम्मेलन में भाग लेने के लिए क्षेत्र के समाजसेवी, संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए. सम्मेलन को लेकर रविदास समाज के लोगों में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली.
कई प्रमुख पदाधिकारी रहे जत्थे में शामिल
पटना रवाना होने वाले प्रतिनिधिमंडल में विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मनोज दास, प्रखंड सचिव पंकज कुमार, उपाध्यक्ष अशोक कुमार, राजीव कुमार दास, रामबच्चन दास, महेंद्र दास, नवीन कुमार, राकेश कुमार, मनोज दास, मीडिया प्रभारी सूरज कुमार दास, अनिल दास, शिक्षिका सरिता कुमारी तथा विकास मित्र ललिता कुमारी सहित कई लोग शामिल रहे.
गुरु रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान
इस अवसर पर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मनोज दास ने कहा कि समाज को अपने सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि गुरु रविदास महाराज के विचार आज भी समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देते हैं. उनके आदर्शों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है.
सामाजिक एकता और जागरूकता का बनेगा मंच
मनोज दास ने विश्वास व्यक्त किया कि पटना में आयोजित यह संत सम्मेलन समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सामाजिक जागरूकता को नई दिशा देगा. उन्होंने कहा कि सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन पदाधिकारी गुरु रविदास महाराज के जीवन, दर्शन और सामाजिक समरसता पर अपने विचार साझा करेंगे.
समाज के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा सम्मेलन
आयोजकों का मानना है कि यह महा सम्मेलन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और संगठनात्मक मजबूती का भी महत्वपूर्ण मंच बनेगा. सम्मेलन के माध्यम से गुरु रविदास महाराज के संदेशों को व्यापक स्तर पर फैलाने और समाज को संगठित करने का प्रयास किया जाएगा.
