जवान को नम आंखें से दी अंतिम विदाई

मंसूरचक : मंसूरचक प्रखंड के गोविंदपुर दो पंचायत के वार्ड नंबर आठ स्थित फरछीवन गांव के शिवकुमार चौधरी के इकलौते पुत्र 24 वर्षीय एसएसबी बटालियन संख्या 57 राजू कुमार का शव उनके आवास पर पहुंचते ही दर्शन के लिए लोग उमड़ पड़े. शहीद जवान की माता जयंती देवी, इकलौती बहन प्रीति का रो-रो कर बुरा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 20, 2016 8:09 AM
मंसूरचक : मंसूरचक प्रखंड के गोविंदपुर दो पंचायत के वार्ड नंबर आठ स्थित फरछीवन गांव के शिवकुमार चौधरी के इकलौते पुत्र 24 वर्षीय एसएसबी बटालियन संख्या 57 राजू कुमार का शव उनके आवास पर पहुंचते ही दर्शन के लिए लोग उमड़ पड़े. शहीद जवान की माता जयंती देवी, इकलौती बहन प्रीति का रो-रो कर बुरा हाल था. यह देख कर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोग भी अपने आंसू को रोक नहीं पा रहे थे.
शव के साथ पहुंचे एसएसबी के सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि बॉर्डर आउट मोस्ट सलौनी कोट टनकपुर उत्तराखंड में जवान राजू ग्यारह जवानों के साथ ड्यूटी में था. तस्करी की सूचना 17 दिसंबर को 6:30 में मिलते ही सभी जवान दौड़ पड़े .उसी क्रम में राजू गिर पड़ा,उसे तुरंत ही सदर अस्पताल टनकपुर भरती कराया गया. जहां डॉक्टर ने देखने व जांच करने के बाद मस्तिष्क की नस फट जाने के कारण मृत घोषित कर दिया.
उन्होंने कहा कि विभागीय सभी प्रक्रि या के बाद अंतिम सम्मान देते हुए जवान के विशेष वाहन द्वारा मंसूरचक फरछीवन के लिए रवाना किया गया. शव के साथ एसएसबी के सब इंस्पेक्टर ओमकार सहित कुल 27 जवान साथ में आये थे. शव आने की सूचना पाते ही बछवाड़ा थाने की पुलिस, मंसूरचक प्रखंड के बीडीओ डॉ अशोक कुमार चौधरी, सीओ धीरज कुमार, मुखिया सुधीर कुमार राय मुन्ना, सरपंच संदीप कुमार चौधरी, सेवानिवृत्त आरपीएफ के जवान सियाराम चौधरी, भाकपा के राज्य परिषद सदस्य सत्यनारायण महतो, अंचल मंत्री रामाधार ईश्वर, वैद्यनाथ चौधरी ,समाजसेवी राममूर्ति चौधरी सहित अन्य ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी. शव यात्रा के दौरान लोग देश के कर्णधार जवान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे. शहीद जवान राजू का अंतिम संस्कार सिमरिया गंगा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया गया.
बचपन से ही थी देशभक्ति की भावना : शहीद एसएसबी के जवान राजू के अंदर बचपन से ही देशभक्ति के प्रति अटूट स्नेह था. वह छात्र जीवन से बोलता था कि जब भी नौकरी करेंगे सेना की ही करेंगे.
उक्त जानकारी जवान के बचपन के मित्र अमित कुमार ने देते हुए बताया कि वर्ष 2005 में मैट्रिक द्वितीय श्रेणी से नारेपुर उच्च विद्यालय से, आइएसी 2009 में आरबी कॉलेज दलसिंहसराय से प्रथम श्रेणी से पास करने के बाद लगातार सेना भरती का फाॅर्म भरता रहा. अंत में 2012 में एसएसबी की सारी परीक्षाओं में पास कर योगदान किया. उस समय से काफी उत्साहित रहा करता था.
शादी के लिए चल रही थी बातचीत : शहीद जवान की शादी की बात भी फाइनल थी. लेकिन राजू की तमन्ना थी कि घर बना कर ही शादी करनी है. घर ढलाई की प्रक्रिया उनके पिता पूरी कर ली थी कि इसी बीच राजू के शहीद हो जाने की सूचना दूरभाष पर मिली.