हत्या करने के प्रयास में एक ही परिवार के पांच आरोपितों को 10 साल सश्रम कारावास की सजा मिली

इस केस के अनुसंधान कर्ता अवधेश दुबे की गवाही से पूर्व ही मौत हो गयी थी.

बेगूसराय. जिला न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम वेद प्रकाश मोदी की अदालत ने तेघड़ा थाना कांड संख्या 199/2008 की सुनवाई करते हुए एक ही परिवार के पांच पुरुष आरोपित को 10 साल सश्रम कारावास एवं अर्थ दंड की सजा सुनायी. न्यायालय ने तेघड़ा थाने के बरौनी 3 निवासी मिंटू कुमार, राकेश कुमार, मनीष कुमार उर्फ फाइटर, मुकेश कुमार, राज कमल सिंह को भारतीय दंड विधान की धारा 307/34 में दोषी पाकर 10 साल सश्रम कारावास एवं 15000 अर्थदंड एवं धारा 147 में 1 साल का कारावास एवं 1000 अर्थ दंड की सजा सुनायी. अपार लोग अभियोजक मनोज कुमार ठाकुर ने सात गवाहों की गवाही करायी जिसमें सूचक राजेश कुमार मुन्ना, मंटून कुमार, रामज्ञान सिंह, अमित कुमार, चंदन कुमार, सुनील सिंह, डॉक्टर नलिनी रंजन सिंह की गवाही करायी गयी. जबकि इस केस के अनुसंधान कर्ता अवधेश दुबे की गवाही से पूर्व ही मौत हो गयी थी. आरोपित पर आरोप है कि 19 सितंबर 2008 को 9 बजे रात में सूचक राजेश कुमार के पट्टीदार के चचेरा भाई शशिभूषण सिंह को सूचक के ही गांव के लोगों ने मारपीट किया था. उसी को देख करके सूचक घर लौट रहा था जब सूचक रात्रि 10:15 बजे बरौनी तीन दुर्गा स्थान के पास पहुंचा तभी सभी आरोपित हरबे हथियार से लैस होकर सूचक को घेर लिया और सभी आरोपित ने जान करने के नियत से लोहे के राॅड और लाठी से हमला करके घायल कर दिया. सूचक ने न्यायालय के समक्ष अपने बयान में बताया कि आरोपित के साथ पूर्व से कोई विवाद नहीं था. घटना के 18 साल के बाद न्यायालय ने एक ही परिवार के पांच आरोपित को 10 साल कारावास एवं अर्थ दंड की सजा सुनायी.

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By Amlesh prasad

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