डपोरसंखी है राज्य सरकार

बेगूसराय (नगर): जिले में बाढ़ की विभीषिका के बावजूद सरकार ने बाढ़पीड़ितों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है. बाढ़ की तबाही के कारण लोग महीनों से खुले आसमान में या बांध पर जीने को मजबूर हैं. ये बातें समाहरणालय पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी द्वारा आयोजित धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुदर्शन सिंह ने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 14, 2013 1:47 AM

बेगूसराय (नगर): जिले में बाढ़ की विभीषिका के बावजूद सरकार ने बाढ़पीड़ितों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है. बाढ़ की तबाही के कारण लोग महीनों से खुले आसमान में या बांध पर जीने को मजबूर हैं. ये बातें समाहरणालय पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी द्वारा आयोजित धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुदर्शन सिंह ने कहीं. श्री सिंह ने कहा कि बिहार की अफसरशाही सरकार गरीबों की आवाज को बलपूर्वक दबाने की कोशिश कर रही है. जिन इलाके के लोग सुखाड़ से त्रस्त हैं, उनके भविष्य की खेती की व्यवस्था क्या होगी, इस पर सरकार ने अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं किया है. ऐसी डपोरशंखी सरकार को हमारी पार्टी जन दबाव के बल पर मजबूर करने के लिए कमर कस चुकी है. श्री सिंह ने धरने के माध्यम से एलान किया कि जनसमस्याओं का निदान होने तक संघर्ष जारी रहेगा. पार्टी के जिला प्रधान महासचिव सुरेश कुमार ने कहा कि पूरे जिले में बाढ़ के कारण शत-प्रतिशत एवं सुखाड़ के कारण 80 प्रतिशत फसल की बरबादी हुई है. हम धरने के माध्यम से जिले को अकालग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग करते हैं. धरने को डॉ संजू प्रिया, महिला जिलाध्यक्षा रीना कुमारी, किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष कुमार अनिल, आनंद कुमार, निकुंज झा, अजरुन साह, रीतेश कुमार पिंटू, श्याम बिहार वर्मा, रामशोभा प्रकाश, मो लुकमान, रामदेव सिंह लूखो, रामकुमार महतो, त्रिवेणी महतो, बालेश्वर सिंह, अनमोल सिंह, मनोज कुमार, अनिता देवी, सच्चिदानंद झा, सुजीत कुमार पासवान समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया. बाद में जिलाध्यक्ष श्री सिंह के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल के नाम स्मारपत्र समर्पित किया.